संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 8 अप्रैल 2026 की सुबह एक बार फिर हड़कंप मच गया जब देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया. रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि तड़के सुबह करीब 3:31 बजे देश के अलग-अलग हिस्सों में जो तेज आवाजें सुनी गईं, वे जमीन पर किसी हमले की नहीं थीं बल्कि एयर डिफेंस द्वारा खतरों को बीच में ही रोकने की थीं. सरकार ने स्थिति को देखते हुए लोगों के लिए इमरजेंसी अलर्ट जारी किया है और सावधानी बरतने को कहा है.

🗞️: UAE में फिर तनाव, ईरान से आए 11 ड्रोन और 1 मिसाइल को किया ढेर, कुवैती दूतावास पर हमले की जताई कड़ी निंदा.

सरकार ने सुरक्षा को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?

यूएई के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनकी एयर डिफेंस प्रणाली पूरी तरह सक्रिय है और देश की सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे का मजबूती से सामना कर रही है. नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NCEMA) ने आम जनता और प्रवासियों के लिए कुछ जरूरी बातें साझा की हैं:

  • लोग सुरक्षित स्थानों पर ही रहें और बिना वजह बाहर न निकलें.
  • सोशल मीडिया की अफवाहों के बजाय केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें.
  • अगर कहीं भी मिसाइल या ड्रोन का मलबा गिरा हुआ दिखे, तो उसे बिल्कुल न छुएं क्योंकि इससे जान का खतरा हो सकता है.
  • किसी भी संदिग्ध वस्तु की जानकारी तुरंत पास के पुलिस स्टेशन या अधिकारियों को दें.

पिछले कुछ दिनों में हुए हमलों का पूरा रिकॉर्ड

यूएई और पड़ोसी देशों पर पिछले एक हफ्ते से लगातार हमले किए जा रहे हैं. इन हमलों का असर तेल और गैस सेक्टर के साथ-साथ आम नागरिकों पर भी पड़ा है. नीचे दी गई टेबल में हालिया घटनाओं का ब्योरा दिया गया है:

तारीख (2026) हमले का विवरण नुकसान और प्रभाव
8 अप्रैल ईरानी मिसाइल और ड्रोन को हवा में रोका गया कोई ताजा नुकसान नहीं, अलर्ट जारी
7 अप्रैल कई ड्रोन और मिसाइलें नष्ट की गईं पूरे देश में हाई अलर्ट
5 अप्रैल 9 बैलिस्टिक मिसाइल और 50 ड्रोन इंटरसेप्ट हुए पेट्रोकेमिकल प्लांट के मलबे से आग लगी
4 अप्रैल 23 बैलिस्टिक मिसाइल और 56 ड्रोन रोके गए गैस सुविधा पर मलबा गिरने से 1 की मौत
3 अप्रैल 18 बैलिस्टिक मिसाइल और 47 ड्रोन रोके गए 2 सैन्यकर्मी और कुछ नागरिकों की मौत

प्रवासियों और भारतीयों पर क्या असर पड़ेगा?

इन हमलों की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के बीच चिंता का माहौल है. ईरान ने यूएई के एल्युमीनियम उद्योग और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की है. यूएई में रहने वाले भारतीय, नेपाली, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें. फरवरी के अंत से शुरू हुए इन हमलों में अब तक 10 नागरिकों की जान जा चुकी है और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें अलग-अलग देशों के नागरिक शामिल हैं. सऊदी अरब और कुवैत भी इस वक्त हाई अलर्ट पर हैं क्योंकि क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है.