संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 3 अप्रैल 2026 को एयर डिफेंस सिस्टम ने एक बड़े हमले को नाकाम कर दिया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार ईरान की तरफ से आए मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही इंटरसेप्ट किया गया। इस कार्रवाई के दौरान गिरे मलबे से अजमान इलाके में कुछ लोग घायल हुए हैं, जिनमें भारतीय प्रवासी भी शामिल हैं। प्रशासन ने स्थिति पर काबू पा लिया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। यह हमला तब हुआ जब यूएई की सुरक्षा प्रणालियों ने आने वाले खतरों को समय रहते पहचान लिया था।

अजमान और हबशान में मलबे गिरने से क्या हुआ असर?

अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने बताया कि मलबे गिरने की घटनाएं अजमान और हबशान गैस प्लांट के पास हुईं। हबशान गैस फैसिलिटी में मलबे की वजह से आग लग गई थी, जिसके बाद वहां का कामकाज अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए राहत कार्य तुरंत शुरू कर दिए गए थे। अजमान इलाके में मलबे की चपेट में आने से कुल 12 लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अजबाान (Ajban) क्षेत्र में मलबे से कोई घायल नहीं हुआ है।

घायल प्रवासियों की जानकारी और आधिकारिक निर्देश

यूएई सरकार ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया है और उनका इलाज जारी है। घायलों में भारतीय प्रवासियों का होना भारत से आए कामगारों के लिए चिंता का विषय है, हालांकि अधिकांश की चोटें गंभीर नहीं हैं। सरकार ने प्रवासियों और नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाएं और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा करें। घायलों का विवरण नीचे दिया गया है:

देश घायलों की संख्या हालत
नेपाल 6 मामूली से मध्यम
भारत 5 मामूली से मध्यम
नेपाल 1 गंभीर

रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह सक्रिय है और किसी भी बाहरी खतरे से निपटने के लिए तैयार है। हबशान गैस प्लांट में स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि परिचालन दोबारा शुरू किया जा सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.