संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि 2 अप्रैल 2026 की सुबह ईरान की तरफ से कई मिसाइलें और ड्रोन दागे गए थे। UAE की एयर डिफेंस ने अपनी ताकत दिखाते हुए इनमें से ज्यादातर को हवा में ही खत्म कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान पूरे देश में धमाकों की आवाज सुनी गई, जो असल में मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की आवाजें थीं। रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह अलर्ट पर है।

हमलों में क्या नुकसान हुआ और किन शहरों पर पड़ा असर?

गुरुवार सुबह हुई इस कार्रवाई में 19 मिसाइल और 26 ड्रोन को गिराया गया। हालांकि, Fujairah और Umm al-Quwain के रिहायशी इलाकों में इंटरसेप्ट किए गए दो ड्रोन का मलबा गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई और एक अन्य घायल हो गया। इसके अलावा Abu Dhabi के Khalifa Economic Zones के पास भी एक मिसाइल का मलबा गिरा जिससे मामूली नुकसान हुआ है। बुधवार को भी सुरक्षा बलों ने 5 बैलिस्टिक मिसाइल और 35 ड्रोन को सफलतापूर्वक रोका था।

अब तक की सुरक्षा कार्रवाई के मुख्य आंकड़े

Khalifa University के रिसर्च वैज्ञानिक लुइगी मार्टिनो के मुताबिक, UAE का एयर डिफेंस सिस्टम 96 प्रतिशत की सफलता दर के साथ काम कर रहा है। EDGE Group जैसी कंपनियां भी स्थानीय स्तर पर आधुनिक डिफेंस सिस्टम तैयार कर रही हैं। मार्च 2026 से अब तक के आंकड़े इस प्रकार हैं:

विवरण संख्या / स्थिति
कुल बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्ट 457
कुल क्रूज मिसाइल इंटरसेप्ट 19
कुल ड्रोन इंटरसेप्ट 2,038
सऊदी अरब द्वारा गुरुवार को गिराए गए ड्रोन 4
इंटरसेप्शन सफलता दर (Khalifa University स्टडी) 96%

इस स्थिति को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद से फोन पर बात की है। UAE ने इस मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को पत्र लिखकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग की है। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि वे देश में रहने वाले सभी प्रवासियों और निवासियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.