अबू धाबी के अल सलाम नेवल बेस (Al Salam Naval Base) पर ईरानी ड्रोन से हमला हुआ है जिससे वहां रखे दो कंटेनरों में आग लग गई। बचाव दल ने इस आग पर तुरंत काबू पा लिया और बेस के अंदर किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है। पिछले दो दिनों से चल रहे इस क्षेत्रीय तनाव के बीच यूएई (UAE) की वायु सेना ने सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों को बीच हवा में ही मार गिराया है। सुरक्षा को देखते हुए देश में कई कड़े कदम उठाए गए हैं जिनका सीधा असर आम जनता और यहां रहने वाले प्रवासियों पर पड़ रहा है।

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प्रवासियों और आम जनता पर हमलों का क्या असर हुआ?

देश के अलग-अलग हिस्सों में मिसाइलों के मलबे और ड्रोन गिरने की वजह से अब तक 3 लोगों की जान चली गई है। मरने वालों में पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा करीब 58 लोग घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने स्कूलों को डिस्टेंस लर्निंग यानी घर से पढ़ाई पर शिफ्ट कर दिया है। अबू धाबी और दुबई एयरपोर्ट पर कई कमर्शियल उड़ानों को भी सस्पेंड किया गया है। अधिकारियों ने आम लोगों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया की अफवाहों के बजाय केवल आधिकारिक न्यूज़ एजेंसी (WAM) की खबरों पर ही भरोसा करें।

रक्षा मंत्रालय के आंकड़े और सुरक्षा के इंतजाम

यूएई के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि 28 फरवरी से शुरू हुए इस तनाव में अब तक कुल 165 बैलिस्टिक मिसाइलें और 541 ड्रोन नष्ट किए गए हैं। रविवार सुबह की कार्रवाई में ही सेना ने 311 ड्रोन मार गिराए। तनाव बढ़ने के बाद यूएई ने तेहरान में अपना दूतावास बंद कर दिया है और अपने राजदूत को वापस बुला लिया है। फ्रांस के रक्षा मंत्री ने भी पुष्टि की है कि हमले में बेस के एक हैंगर को नुकसान पहुंचा है और वहां तैनात फ्रांसीसी बल भी हाई अलर्ट पर हैं।

मिसाइल और ड्रोन हमलों की पूरी जानकारी

हमले का प्रकार कुल संख्या (28 Feb से) रविवार सुबह की कार्रवाई
बैलिस्टिक मिसाइलें 165 20
ड्रोन (Drones) 541 311
क्रूज मिसाइलें 2 0
कुल मौतें (प्रवासी) 3
घायलों की संख्या 58