संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग जैसी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए साल 2025 में बेहतरीन प्रदर्शन दर्ज किया है। इस बारे में देश की राष्ट्रीय समिति (NAMLCFTPC) ने 4 जून 2026 को वित्तीय प्रदर्शन के आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों को 3 जून 2026 को राष्ट्रीय रणनीति की उच्च निगरानी समिति द्वारा मंजूरी दी गई थी। इस कदम से यूएई में अवैध तरीकों से पैसों के लेन-देन पर लगाम लगेगी और देश की वित्तीय प्रणाली और अधिक मजबूत होगी।
मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए क्या बदलाव किए गए हैं?
सेंट्रल बैंक ऑफ यूएई (CBUAE) ने इस संबंध में अप्रैल 2026 में नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए थे। नए नियमों के तहत अब केवल कागजी खानापूर्ति करने के बजाय बैंकों और वित्तीय संस्थानों को हर समय सतर्क रहना होगा। सिस्टम में संदिग्ध लेन-देन की पहचान तुरंत और उसी समय (Real-Time) की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मानकों और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की गाइडलाइंस के हिसाब से तैयार की गई है।
इस पूरे मामले से जुड़े मुख्य आंकड़े और महत्वपूर्ण जानकारियां नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती हैं:
| समय / तारीख | मुख्य निर्णय और गतिविधियां |
|---|---|
| साल 2025 | मजबूत वित्तीय सुधार और प्रदर्शन की अवधि |
| 3 जून 2026 | उच्च समिति द्वारा आंकड़ों को दी गई मंजूरी |
| 4 जून 2026 | आधिकारिक समाचार एजेंसी WAM द्वारा घोषणा |
| अप्रैल 2026 | सेंट्रल बैंक ऑफ यूएई (CBUAE) द्वारा नई गाइडलाइंस जारी |
| 2024-2027 | मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए यूएई की राष्ट्रीय रणनीति की समय-सीमा |
प्रवासियों और आम लोगों के लेन-देन पर इसका क्या असर होगा?
सेंट्रल बैंक के गवर्नर खालिद मोहम्मद बलामा के अनुसार, नए नियमों का मुख्य उद्देश्य वित्तीय धोखाधड़ी को पूरी तरह से समाप्त करना है। इसके तहत बैंक खातों को खोलने और पैसे भेजने के लिए केवाईसी (KYC) और कस्टमर ड्यू डिलिजेंस (CDD) की प्रक्रिया को और कड़ा किया गया है। इसके अलावा, जो लोग हवाला या किसी अन्य अनधिकृत माध्यम से पैसे भेजते हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यूएई में काम करने वाले प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे पैसे भेजने के लिए केवल अधिकृत बैंकों और लाइसेंसी एक्सचेंज हाउस का ही उपयोग करें।
नए नियमों में अब मनी लॉन्ड्रिंग रिपोर्टिंग अधिकारियों (MLROs) की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है। अगर किसी वित्तीय संस्थान में गड़बड़ी पाई जाती है, तो सीधे अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। यूएई को हाल ही में एफएटीएफ (FATF) की ग्रे लिस्ट से बाहर किया गया था और इन नए प्रयासों से देश की अंतरराष्ट्रीय साख और मजबूत होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूएई में मनी लॉन्ड्रिंग के नए नियम कब लागू हुए हैं?
सेंट्रल बैंक ऑफ यूएई (CBUAE) ने इस संबंध में अप्रैल 2026 में नई गाइडलाइंस जारी की थीं और 3 जून 2026 को नए प्रदर्शन मानकों को उच्च समिति द्वारा मंजूरी दी गई है।
क्या इन नए नियमों से भारत या अन्य देशों में पैसा भेजने पर कोई असर पड़ेगा?
अगर आप किसी मान्यता प्राप्त बैंक या एक्सचेंज हाउस के जरिए पैसा भेजते हैं तो कोई परेशानी नहीं होगी। हालांकि, केवाईसी (KYC) और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पहले से अधिक कड़ी हो सकती है।
सीयूबीएई (CBUAE) के गवर्नर कौन हैं जिन्होंने इन सुधारों की घोषणा की?
खालिद मोहम्मद बलामा सेंट्रल बैंक ऑफ यूएई के गवर्नर हैं, जिन्हें 5 अप्रैल 2021 को नियुक्त किया गया था और वे इस राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष भी हैं।
