24 मई 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कतर और पांच अन्य देशों के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की है। इन देशों ने बेन-ग्विर द्वारा गाजा जा रहे सहायता बेड़े (flotilla) के हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के साथ किए गए बर्ताव को अमानवीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। खाड़ी क्षेत्र और दुनिया के अन्य प्रमुख मुस्लिम देशों ने इस घटना पर एकजुट होकर आपत्ति जताई है।

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इजरायली मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने क्या किया था?

मई 2026 के मध्य में अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र से गाजा के लिए मानवीय राहत सामग्री लेकर जा रहे एक सहायता बेड़े को इजरायली सुरक्षाबलों ने रोक लिया था। इस बेड़े में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, कनाडा, स्पेन, नीदरलैंड और बेल्जियम जैसे देशों के लगभग 430 सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। हिरासत में लिए जाने के बाद इजरायल के दक्षिणपंथी सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह अशदोद बंदरगाह पर घुटनों के बल बैठे और बंधे हुए कार्यकर्ताओं का मजाक उड़ाते हुए दिखे। इस हरकत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी शर्मनाक माना गया।

संयुक्त बयान में किन देशों ने क्या मांग की है?

इस संयुक्त बयान को जारी करने वाले देशों में संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, तुर्की, मिस्र, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, सऊदी अरब और कतर शामिल हैं। इन आठ देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा कि इजरायली मंत्री का यह कदम मानवीय गरिमा पर एक सीधा हमला था और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत इजरायल के दायित्वों का उल्लंघन था। मंत्रियों ने चेतावनी दी कि इस तरह की हरकतें क्षेत्र में नफरत और कट्टरपंथ को बढ़ावा देती हैं, जिससे शांति स्थापित करने की कोशिशों को नुकसान पहुंचता है। बयान में बेन-ग्विर की हरकतों के लिए उनकी जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की मांग की गई है।

दुनिया के अन्य नेताओं और खुद इजरायल के भीतर भी हुआ विरोध

इस अपमानजनक घटना की आलोचना केवल खाड़ी या मुस्लिम देशों तक ही सीमित नहीं रही। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर, इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने भी इस घटना की निंदा की। इसके अलावा, खुद इजरायल के भीतर भी इस पर विवाद छिड़ गया और इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी बेन-ग्विर के इस आचरण की सार्वजनिक तौर पर आलोचना की।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह पूरा मामला क्या है और यह घटना कब हुई?

यह मामला गाजा जा रहे मानवीय सहायता बेड़े के 430 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने और अशदोद बंदरगाह पर इजरायली सुरक्षा मंत्री द्वारा उनके अपमान से जुड़ा है। यह घटना मई 19-21, 2026 के आसपास हुई थी।

किन आठ देशों ने इजरायली मंत्री के खिलाफ संयुक्त बयान जारी किया है?

इस कृत्य के खिलाफ संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कतर, जॉर्डन, तुर्की, मिस्र, इंडोनेशिया और पाकिस्तान ने मिलकर 24 मई 2026 को एक संयुक्त निंदा प्रस्ताव जारी किया है।