UAE के राष्ट्रपति के डिप्लोमैटिक एडवाइजर डॉ Anwar Gargash ने ईरान की हरकतों पर कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में इस वक्त पीड़ित और बीच-बचाव करने वालों की पहचान धुंधली हो गई है. उनके मुताबिक, इस खतरनाक समय में किसी भी देश का तटस्थ रहना बहुत जोखिम भरा हो सकता है.

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ईरान की आक्रामकता और UAE का क्या है कहना?

डॉ Anwar Gargash ने साफ़ किया कि ईरान ही वह देश है जो खाड़ी क्षेत्र में संकट को बढ़ा रहा है और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है. उन्होंने बताया कि UAE के बुनियादी ढांचे और आम लोगों की जान को निशाना बनाकर ईरान ने क्रूर हमला किया है, जिसका सामना UAE मजबूती और कुशलता से कर रहा है.

  • राजनीतिक समाधान: डॉ गरगाश ने कहा कि स्थायी सुरक्षा के लिए केवल राजनीतिक रास्ता ही एकमात्र विकल्प है.
  • नुकसान की भरपाई: 30 मार्च 2026 को उन्होंने जोर दिया कि किसी भी समझौते में ईरान द्वारा नागरिक और महत्वपूर्ण ठिकानों को पहुँचाए गए नुकसान की भरपाई (reparations) शामिल होनी चाहिए.
  • भविष्य की गारंटी: उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ईरान से साफ़ गारंटी ली जाए.

‘ग्रे पोजीशन’ और देशों के बीच बदलती भूमिकाएं

19 मई 2026 को अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर डॉ गरगाश ने खाड़ी देशों के रवैये पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित और मध्यस्थ (mediator) की भूमिकाएं आपस में मिल गई हैं. उनके अनुसार, जो देश दोस्त थे, वे अब मददगार बनने के बजाय सिर्फ बीच-बचाव करने वाले बनकर रह गए हैं.

डॉ गरगाश ने चेतावनी दी कि खाड़ी के आधुनिक इतिहास के इस सबसे संवेदनशील दौर में ‘ग्रे पोजीशन’ यानी तटस्थ रहना, किसी स्टैंड के न होने से भी ज्यादा खतरनाक है. उन्होंने यह भी कहा कि इस संकट ने यह साफ़ कर दिया है कि कौन से देश वास्तव में खाड़ी देशों का साथ दे रहे हैं और कौन से सिर्फ कागजी बातें कर रहे हैं.

अफवाहों और मीडिया रिपोर्ट्स पर क्या बोले अधिकारी?

डॉ गरगाश ने मीडिया के कुछ गलत व्याख्याओं पर भी बात की. उन्होंने कहा कि UAE की स्थिति को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. उन्होंने जनता से अपील की कि वे भ्रामक मीडिया अभियानों से सावधान रहें. उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध के समय अफवाहें फैलाना आम बात है, इसलिए राष्ट्रीय उपलब्धियों की रक्षा करना और जागरूक रहना हर नागरिक की जिम्मेदारी है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

डॉ अनवर गरगाश ने ‘ग्रे पोजीशन’ (Grey Position) को लेकर क्या कहा?

डॉ गरगाश ने कहा कि खाड़ी के आधुनिक इतिहास के इस सबसे खतरनाक दौर में ‘ग्रे पोजीशन’ यानी तटस्थ रहना, कोई स्टैंड न लेने से भी ज्यादा खतरनाक है.

ईरान के खिलाफ राजनीतिक समाधान के लिए UAE की क्या शर्त है?

UAE का कहना है कि राजनीतिक समाधान में भविष्य के लिए गारंटी होनी चाहिए और ईरान को उन नागरिक और महत्वपूर्ण ठिकानों के नुकसान की भरपाई करनी होगी जिन्हें निशाना बनाया गया.