UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार Anwar Gargash ने ईरान के हमलों को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने साफ कहा कि अब ईरान इस पूरे इलाके के लिए एक लंबे समय का खतरा बन चुका है। फ्रांस के Chantilly में हुई एक मीटिंग के दौरान उन्होंने बताया कि ईरान पर दोबारा भरोसा करने में अब बहुत लंबा समय लगेगा।

ℹ: Abu Dhabi Police का बड़ा अलर्ट, सोशल मीडिया पर नकली वीज़ा और घरेलू नौकरों के ऑफर से बचें, हो सकता है बड़ा धोखा

ईरान के हमलों से UAE को कितना नुकसान हुआ और क्या रहा असर?

Gargash ने जानकारी दी कि ईरान ने UAE पर करीब 2,800 मिसाइल और ड्रोन से हमला किया था। UAE के डिफेंस सिस्टम ने इनमें से 96% को हवा में ही रोक लिया। हमलों का विवरण नीचे दिया गया है:

  • कुल 537 बैलिस्टिक मिसाइल, 26 क्रूज मिसाइल और 2,256 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया।
  • इन हमलों में UAE सेना के 2 जवान, एक मोरक्को का नागरिक और 10 आम लोग मारे गए।
  • करीब 220 से ज्यादा लोग इस हिंसा में घायल हुए।
  • ईरान के 90 प्रतिशत हमले आम नागरिकों, बिजली और तेल के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए।

उन्होंने यह भी मांग की कि ईरान को इस नुकसान की भरपाई करनी चाहिए और यह भरोसा दिलाना चाहिए कि ऐसे हमले फिर नहीं होंगे।

अब आगे क्या होगा और अमेरिका की क्या भूमिका रहेगी?

Gargash के मुताबिक, ईरान की इन हरकतों की वजह से अब Gulf देशों में अमेरिका की भूमिका और ज्यादा मजबूत होगी। साथ ही, इस इलाके में इजराइल का प्रभाव भी बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान दोनों ही अब पूरी तरह से युद्ध नहीं चाहते और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू हो सकती है।

इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि इस युद्ध ने ईरान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। ईरान के एक्सपोर्ट और वहां के उद्योगों को भारी नुकसान पहुंचा है जिससे उसकी आर्थिक हालत और खराब हो गई है।