UAE अपनी सेना के एकीकरण की 50वीं सालगिरह मना रहा है। 6 मई 1976 को जब सभी अमीरातों की सेना एक झंडे और एक नेतृत्व के नीचे आई, तो देश की सुरक्षा की नींव मजबूत हुई। आज UAE की सेना न केवल देश की रक्षा कर रही है, बल्कि आधुनिक तकनीक के दम पर बाहरी खतरों का सामना कर रही है।

UAE सेना का एकीकरण क्यों है खास

UAE के संस्थापक शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान और अन्य शासकों ने 6 मई 1976 को सेना को एक करने का बड़ा फैसला लिया था। अजमान के शासक शेख हमैद बिन राशिद अल नुऐमी ने बताया कि यह तारीख देश की यादों में बसी है। इस फैसले से पूरे देश में सुरक्षा और स्थिरता आई, जिसने UAE को आने वाले दशकों में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में मदद की।

ईरान के हमलों और आधुनिक तैयारी पर क्या है अपडेट

राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कहा कि देश की ताकत उसकी एकता और जनता में है। उन्होंने बताया कि 1976 से ही सेना सुरक्षा का मुख्य आधार रही है। हाल के दिनों में ईरान द्वारा नागरिकों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए गए हमलों, जिनमें मिसाइल और ड्रोन शामिल थे, को UAE की सेना ने सफलतापूर्वक नाकाम किया है। अब सेना जमीन, हवा, समुद्र और साइबर दुनिया में एक एकीकृत सिस्टम के साथ काम कर रही है।

सेना में ट्रेनिंग और महिलाओं की भागीदारी

UAE ने अपनी सैन्य और शैक्षणिक ट्रेनिंग पर भारी निवेश किया है। अब नेशनल सर्विस के जरिए युवाओं को तैयार किया जा रहा है। एक बड़ा बदलाव यह आया है कि अब सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, जो कुछ ग्रुप्स में 11 प्रतिशत से भी ज्यादा हो गई है। UAE सरकार ने यह भी साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक वह ईरान के हमलों का जवाब देने का पूरा हक रखती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE सेना का एकीकरण कब हुआ था

UAE सेना का एकीकरण 6 मई 1976 को हुआ था। इस साल 2026 में इस ऐतिहासिक फैसले को 50 साल पूरे हो गए हैं।

ईरान के हमलों पर UAE का क्या स्टैंड है

UAE ने स्पष्ट किया है कि उसके पास अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ईरान के हमलों का जवाब देने का पूरा और कानूनी अधिकार है।