UAE और Azerbaijan के बीच हुआ Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) अब आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है। यह समझौता 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुआ है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा और कारोबारियों के लिए कमाई के नए रास्ते खुलेंगे। इस डील से सामानों के आयात-निर्यात में काफी आसानी होगी।
इस व्यापार समझौते की मुख्य बातें क्या हैं?
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| लागू होने की तारीख | 15 अप्रैल 2026 |
| साइन होने की तारीख | 9 जुलाई 2025 |
| टैक्स में छूट | 97% टैरिफ लाइनों पर ड्यूटी खत्म |
| मुख्य क्षेत्र | एनर्जी, खेती, फाइनेंस, टूरिज्म, कंस्ट्रक्शन |
| अहम सुविधा | सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म से कस्टम क्लीयरेंस |
| समर्थन | SME और उद्यमियों के लिए विशेष सहायता |
व्यापारियों और आम लोगों पर क्या असर होगा?
इस समझौते से सामानों पर टैक्स कम होगा, जिससे निर्यातकों के लिए बाजार बड़ा हो जाएगा। प्राइवेट सेक्टर के बीच सहयोग बढ़ेगा और नई जॉइंट वेंचर कंपनियां बनेंगी। खासकर उन लोगों के लिए यह फायदेमंद है जो रिन्यूएबल एनर्जी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में काम करते हैं। डिजिटल ट्रेड और बौद्धिक संपदा के लिए भी नए नियम बनाए गए हैं ताकि व्यापार सुरक्षित रहे।
सरकारी अधिकारियों ने इस डील पर क्या कहा?
UAE के विदेश व्यापार मंत्री Dr. Thani bin Ahmed Al Zeyoudi ने बताया कि Azerbaijan की स्थिति नॉर्थ-साउथ ट्रेड के लिए बहुत जरूरी है, जिससे ग्लोबल मार्केट में स्थिरता आएगी। UAE के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan ने कहा कि यह साझेदारी टिकाऊ विकास और शांति को बढ़ावा देगी। यह डील एक इनोवेशन-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
