UAE के गृह मंत्रालय (MOI) ने बहरीन के पुलिस कर्मियों के लिए ‘चाइल्ड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट’ ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है। यह प्रोग्राम 1 मई 2026 को लॉन्च हुआ। इसका मकसद दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाना और बच्चों की सुरक्षा के लिए नई तकनीक और अनुभव साझा करना है।

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ट्रेनिंग प्रोग्राम में क्या सिखाया जाएगा?

इस ट्रेनिंग में कई जरूरी मॉड्यूल शामिल किए गए हैं ताकि पुलिस कर्मी बच्चों से जुड़े मामलों को बेहतर तरीके से संभाल सकें। इसमें मुख्य रूप से ये बातें सिखाई जाएंगी:

  • बच्चों से जुड़ी शिकायतों और रिपोर्ट को हैंडल करने का तरीका।
  • अपराधों की जांच के दौरान बच्चों से पूछताछ करने की सही तकनीक।
  • बच्चों को निशाना बनाने वाले साइबर अपराधों को रोकना और उनकी जांच करना।
  • अदालती कार्यवाही और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी।
  • अंतरराष्ट्रीय कानूनों और सुरक्षा नियमों का ओवरव्यू।

ट्रेनिंग का तरीका और दोनों देशों की तैयारी

यह प्रोग्राम हाइब्रिड मॉडल पर आधारित है। इसका मतलब है कि ट्रेनिंग का कुछ हिस्सा ऑनलाइन (डिस्टेंस लर्निंग) होगा और कुछ सेशन के लिए बहरीन के कर्मियों को UAE आना होगा। UAE में पहले से ही बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘वदीमा कानून’ और 1 जनवरी 2026 से लागू डिजिटल सुरक्षा कानून जैसे कड़े नियम हैं। वहीं, बहरीन ने भी बच्चों के अधिकारों के लिए नेशनल सेंटर बनाया हुआ है और हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। इस साझेदारी से दोनों देशों में बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने का काम आसान होगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह ट्रेनिंग प्रोग्राम कब शुरू हुआ और किसके लिए है?

यह प्रोग्राम 1 मई 2026 को शुरू हुआ। यह खास तौर पर बहरीन के गृह मंत्रालय के उन कर्मियों के लिए है जो बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कामों में लगे हुए हैं।

ट्रेनिंग में किन मुख्य विषयों पर जोर दिया गया है?

ट्रेनिंग में साइबर अपराधों की रोकथाम, बच्चों से पूछताछ करने के तरीके, कानूनी प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय कानूनों जैसे जरूरी विषयों को शामिल किया गया है।