संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन ने हवाई यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों ने मिलकर ‘सिंगल ट्रैवल पॉइंट’ (Single Travel Point) की शुरुआत की है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य एयरपोर्ट पर लगने वाले समय को कम करना है। सोमवार, 16 फरवरी 2026 को इस प्रोजेक्ट का पायलट फेज आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया। अब अबू धाबी के जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बहरीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच सफर करने वालों को लंबी कतारों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सफर में कैसे बचेगा समय और क्या बदलेगा?

इस नई पहल के तहत यात्रियों के इमिग्रेशन और कस्टम की जांच सिर्फ एक बार होगी। जब यात्री अपने शहर से उड़ान भरेंगे, उसी वक्त डेस्टिनेशन देश की एंट्री प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। इसका मतलब है कि जब आप दूसरे देश के एयरपोर्ट पर उतरेंगे, तो वहां दोबारा लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी।

यात्री सीधे ‘डोमेस्टिक अराइवल’ की तरह बाहर निकल सकेंगे और अपना सामान ले सकेंगे। अधिकारियों का अनुमान है कि इससे एयरपोर्ट पर लगने वाले समय में 40 से 70 फीसदी तक की कमी आएगी। यह सब बायोमेट्रिक तकनीक और डिजिटल डेटा शेयरिंग की मदद से संभव हो रहा है। इसके लिए यात्रियों से कोई अलग फीस नहीं ली जा रही है।

फिलहाल किन यात्रियों के लिए है यह सुविधा?

अभी यह योजना शुरुआती चरण यानी पायलट फेज में है। फिलहाल इसका लाभ केवल UAE और बहरीन के नागरिकों (Citizens) को ही मिल रहा है। इस सर्विस के लिए एतिहाद एयरवेज (Etihad Airways) और गल्फ एयर (Gulf Air) ने साझेदारी की है।

हालांकि, आम प्रवासियों और पर्यटकों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भविष्य की बड़ी योजना का हिस्सा है। इसे पूरे जीसीसी (GCC) क्षेत्र में लागू करने की तैयारी चल रही है। 2026 के अंत तक इसका मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके बाद इसे अन्य खाड़ी देशों और वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए भी शुरू किया जा सकता है। यह कदम भविष्य के ‘जीसीसी यूनिफाइड टूरिस्ट वीज़ा’ को तकनीकी रूप से सफल बनाने में मदद करेगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com