संयुक्त अरब अमीरात की बैंकिंग सेक्टर के लिए अच्छी खबर आई है। सेंट्रल बैंक ऑफ द यूएई (CBUAE) ने फरवरी 2026 के अंत तक के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक देश के बैंकों की कुल संपत्ति में 1.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और यह अब 5,472.5 अरब दिरहम तक पहुंच गई है। इसका सीधा मतलब है कि देश की आर्थिक हालत काफी मजबूत बनी हुई है और लोगों का भरोसा बैंकों पर लगातार बढ़ रहा है।

बैंकिंग सेक्टर और मनी सप्लाई में क्या बदलाव हुए?

बैंकों की कुल संपत्ति जनवरी में 5,413.6 अरब दिरहम थी, जो फरवरी के आखिर तक बढ़कर 5,472.5 अरब दिरहम हो गई। इसके साथ ही देश में मनी सप्लाई यानी बाजार में पैसे के बहाव में भी तेजी देखी गई है। M1 मनी सप्लाई में 1.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, जिसका मुख्य कारण बैंकों से बाहर सर्कुलेशन में मौजूद करेंसी और बैंकों में जमा होने वाले पैसों में बढ़ोत्तरी होना है।

  • कुल बैंकिंग एसेट्स में 1.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  • M1 मनी सप्लाई अब बढ़कर 1,099.8 अरब दिरहम हो गई है।
  • M2 मनी सप्लाई में 2.4 प्रतिशत की भारी बढ़त देखी गई।
  • बैंकों द्वारा दिए जाने वाले कुल कर्ज (Gross Credit) में 1.2 प्रतिशत का सुधार हुआ है।

फरवरी 2026 तक के मुख्य आंकड़े एक नज़र में

बाजार में अलग-अलग लेवल पर पैसों की मौजूदगी को मापने के लिए सेंट्रल बैंक ने विस्तार से रिपोर्ट दी है। इसमें सरकारी जमा, कॉर्पोरेट डिपॉजिट और आम लोगों के बैंक खातों में मौजूद पैसों की जानकारी शामिल है। नीचे दी गई टेबल से आप इन बड़े बदलावों को आसानी से समझ सकते हैं:

विवरण जनवरी 2026 (अरब AED) फरवरी 2026 (अरब AED) बदलाव (%)
कुल बैंक एसेट्स 5,413.6 5,472.5 1.1%
मनी सप्लाई (M1) 1,081.3 1,099.8 1.7%
मनी सप्लाई (M2) 2,789.8 2,856.8 2.4%
मनी सप्लाई (M3) 3,301.5 3,353.7 1.6%
कुल बैंक क्रेडिट 2,598.2 2,630.6 1.2%

आम जनता और व्यापार पर इसका क्या असर होगा?

फरवरी के महीने में ग्रॉस क्रेडिट यानी बैंकों द्वारा दिए गए लोन में 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अब यह आंकड़ा 2,630.6 अरब दिरहम पर पहुंच गया है। प्राइवेट सेक्टर को दिए जाने वाले क्रेडिट में भी 1.3 प्रतिशत का सुधार हुआ है। इसका मतलब है कि बिजनेस करने वालों और आम लोगों को बैंकों से अपनी जरूरतों के लिए पैसा मिल रहा है। इसके अलावा व्यक्तिगत जमा खातों में 5.3 प्रतिशत की बड़ी बढ़त हुई है, जो यह बताती है कि लोग अब बैंकों में पैसा बचाना पसंद कर रहे हैं।