यूएई के बैंकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। UAE Banks Federation (UBF) ने अपनी सालाना मीटिंग में 2026 की नई रणनीति को मंजूरी दे दी है। इस प्लान का मकसद यूएई को दुनिया का सबसे बड़ा और बेहतर फाइनेंशियल सेंटर बनाना है ताकि आम लोगों और बिजनेस करने वालों को और ज़्यादा फायदा मिल सके।
2026 के नए प्लान में क्या खास है?
UBF के चेयरमैन AbdulAziz Al Ghurair ने बताया कि इस मीटिंग में लिए गए फैसले 2026 के लिए एक रोडमैप की तरह काम करेंगे। इस नई रणनीति में कुछ मुख्य बातों पर ज़ोर दिया गया है:
- छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) और नए बिजनेस शुरू करने वालों को ज़्यादा मदद मिलेगी।
- फाइनेंशियल इंक्लूजन को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग बैंकिंग सेवाओं से जुड़ सकें।
- सस्टेनेबल फाइनेंस यानी पर्यावरण के अनुकूल फाइनेंसिंग को आगे बढ़ाया जाएगा।
- यूएई के बैंकों में स्थानीय नागरिकों को नौकरी देने (Emiratisation) के प्रयासों को और तेज़ किया जाएगा।
UBF के वाइस चेयरमैन H.E. Mohammed Omran Al Shamsi ने बताया कि 2025 में बैंकिंग सेक्टर ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और आगे भी इसकी ग्रोथ जारी रहेगी।
बैंकिंग सेक्टर के आंकड़े और उपलब्धियां
मीटिंग के दौरान 2025 के वित्तीय आंकड़ों पर भी चर्चा हुई। बैंकों की संपत्ति और जमा राशि में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। नीचे दी गई टेबल में मुख्य आंकड़े दिए गए हैं:
| विवरण | आंकड़ा/जानकारी |
|---|---|
| कुल संपत्ति (Total Assets) | 5.4 ट्रिलियन AED |
| क्रेडिट पोर्टफोलियो में बढ़त | 17.9% |
| जमा राशि (Deposits) में बढ़ोतरी | 16.2% |
| Emiratisation लक्ष्य की प्राप्ति | 160% |
| रणनीति का वर्ष | 2026 |
| Sibos कॉन्फ्रेंस होस्ट करने का वर्ष | 2029 |
| AGM की तारीख़ | 27 अप्रैल 2026 |
बैंकों के कामकाज और निगरानी का तरीका
यूएई का पूरा बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर Central Bank of the UAE (CBUAE) की सीधी निगरानी में काम करता है। CBUAE के चेयरमैन His Highness Sheikh Mansour bin Zayed Al Nahyan की अध्यक्षता में सेक्टर की स्थिरता और मजबूती के लिए एक सपोर्ट पैकेज को भी मंजूरी दी गई थी।
इसके अलावा, यूएई को 2029 में Sibos कॉन्फ्रेंस की मेजबानी करने का मौका मिला है, जो बैंकिंग ऑपरेशन्स की दुनिया की एक बहुत बड़ी मीटिंग होती है। इसके लिए UBF के प्रयासों की भी सराहना की गई। बैंकिंग सेक्टर के बड़े अधिकारी 14 अप्रैल 2026 को भी मिले थे ताकि दुनिया भर में हो रहे बदलावों के हिसाब से अपनी रणनीति बना सकें।