Gulf देशों में चल रहे तनाव की वजह से वहां काम करने वाले प्रवासियों और कर्मचारियों के मन में अपनी नौकरी को लेकर डर था। ऐसे माहौल में UAE Banks Federation के चेयरमैन अब्दुलअज़ीज़ अब्दुल्ला अल गुरैर ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने साफ किया है कि बैंकिंग सेक्टर में नौकरियों को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।

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क्या UAE के बैंकों में छंटनी हो रही है?

यूएई बैंक्स फेडरेशन (UBF) के चेयरमैन अब्दुलअज़ीज़ अब्दुल्ला अल गुरैर ने बताया कि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद UAE के किसी भी बैंक ने अपने कर्मचारियों की छंटनी नहीं की है। आपको बता दें कि UBF यूएई के 48 सदस्य बैंकों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक संस्था है।

  • रणनीति 2026: फेडरेशन ने अपनी वार्षिक बैठक में 2026 की रणनीति को मंजूरी दी है ताकि यूएई को दुनिया का सबसे बेहतरीन बैंकिंग केंद्र बनाया जा सके।
  • नागरिकों को रोजगार: यूएई बैंक्स फेडरेशन ने 2026 तक 5,000 यूएई नागरिकों को नौकरी देने का लक्ष्य रखा है।
  • अधिकारी की भूमिका: अल गुरैर Mashreq Bank के भी चेयरमैन हैं और बैंकिंग सेक्टर की मजबूती पर जोर दे रहे हैं।

थर्ड-पार्टी कंपनियों और बैंकों की नौकरी में क्या अंतर है?

अब्दुलअज़ीज़ अल गुरैर ने स्पष्ट किया कि अगर कहीं कर्मचारियों की संख्या कम हुई है, तो वह थर्ड-पार्टी कंपनियों में हुआ है, न कि सीधे बैंकों में। उन्होंने इसे एक आसान उदाहरण से समझाया।

उन्होंने कहा कि अगर पहले कोई बैंक दिन भर में 10,000 क्रेडिट कार्ड डिलीवर करवाता था और अब केवल 2,000 कार्ड डिलीवर हो रहे हैं, तो कार्ड पहुंचाने वाली बाहरी कंपनी को कम लोगों की जरूरत होगी। ऐसे में उन कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या घट सकती है क्योंकि वे कर्मचारी सीधे बैंक के पेरोल पर नहीं होते। इसे बैंकों द्वारा की गई सीधी नौकरी कटौती नहीं माना जाना चाहिए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई बैंक्स फेडरेशन का 2026 तक का लक्ष्य क्या है?

UBF ने 2026 तक 5,000 यूएई नागरिकों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है और बैंकिंग क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है।

क्या क्षेत्रीय तनाव का असर बैंकिंग नौकरियों पर पड़ा है?

चेयरमैन के अनुसार, किसी भी बैंक ने सीधे तौर पर छंटनी नहीं की है। केवल थर्ड-पार्टी सेवाओं की जरूरत कम होने पर बाहरी कर्मचारियों की संख्या में बदलाव हो सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.