UAE के Barakah Nuclear Power Plant के पास हुए ड्रोन हमले को लेकर अब पूरी दुनिया ने अपनी आवाज़ उठाई है। एक बड़े ग्लोबल गठबंधन ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए एक शक्तिशाली बयान जारी किया है। इस हमले ने परमाणु ऊर्जा केंद्रों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या था पूरा मामला

यह हमला 17 मई 2026 को हुआ था। ड्रोन हमले की वजह से प्लांट के बाहरी सुरक्षा घेरे में मौजूद एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में आग लग गई थी। UAE के रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने बताया कि तीन ड्रोन आए थे जिनमें से दो को हवा में ही रोक लिया गया, लेकिन एक जनरेटर से जा टकराया। मंत्रालय ने यह भी कन्फर्म किया कि ये ड्रोन इराक के इलाके से आए थे।

सुरक्षा पर क्या बोले अधिकारी

अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने साफ किया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और प्लांट की रेडिएशन सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा। Federal Authority for Nuclear Regulation (FANR) ने भी कहा कि प्लांट के जरूरी सिस्टम सुरक्षित हैं और सभी यूनिट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। IAEA के डायरेक्टर जनरल Rafael Grossi ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और इसे बहुत गंभीर मामला बताया।

दुनिया भर के देशों का कड़ा रुख

15 जून 2026 को एक ग्लोबल गठबंधन ने इस हमले के खिलाफ बयान जारी किया। इस गठबंधन में EU, UK, USA, Qatar, France और Ukraine शामिल हैं। इन देशों ने मांग की है कि शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होने वाले परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। उन्होंने देशों से अपील की कि वे अपने इलाके का इस्तेमाल किसी भी गैर-सरकारी समूह द्वारा हमले करने के लिए न होने दें।

UN महासचिव António Guterres और UN सुरक्षा परिषद ने भी इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। UAE के मंत्री Dr. Sultan Al Jaber ने इस हमले को एक आतंकवादी हमला करार दिया।