अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की जमकर तारीफ की है। 2 जून 2026 को अपनी यूएई यात्रा पूरी करने के बाद उन्होंने कहा कि देश का यह कार्यक्रम सुरक्षा और पारदर्शिता के ऊंचे मानकों पर आधारित है। हालांकि, हाल ही में 17 मई 2026 को बराक परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Barakah Nuclear Energy Plant) के पास हुए एक ड्रोन हमले को लेकर उन्होंने गहरी चिंता जताई और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का गंभीर उल्लंघन बताया।
बराक परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर ड्रोन हमले में क्या हुआ था?
17 मई 2026 को बराक न्यूक्लियर प्लांट के पास एक ड्रोन हमला हुआ था। इस हमले में मुख्य परमाणु रिएक्टर पूरी तरह सुरक्षित रहे, लेकिन बाहरी बिजली के बुनियादी ढांचे (external electrical generator) को नुकसान पहुंचा था। बाहरी बिजली कट जाने के कारण सुरक्षा के तौर पर एक रिएक्टर को बंद करना पड़ा था। राफेल मारियानो ग्रॉसी ने बताया कि इस घटना से कोई परमाणु या रेडियोधर्मी आपातकाल नहीं पैदा हुआ। यूएई के अधिकारियों ने इस स्थिति को बेहद पेशेवर तरीके से संभाला और तुरंत इसकी जानकारी IAEA के साथ साझा की, जिससे घटना की निगरानी आसान हो सकी।
IAEA प्रमुख और यूएई सरकार का इस पर क्या रुख है?
IAEA के महानिदेशक ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में इस हमले को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि किसी भी परमाणु संयंत्र पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन है। इस दौरे के दौरान उन्होंने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। विदेश मंत्री ने इस ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की और सुरक्षा बढ़ाने पर बात की। वहीं, संघीय परमाणु नियामक प्राधिकरण (FANR) के डिप्टी चेयरमैन हमद अल काबी ने कहा कि यूएई और IAEA का सहयोग बहुत पुराना है और यूएई नए परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के लिए दुनिया में एक मिसाल है।
क्या प्लांट में मरम्मत का काम शुरू हो गया है?
IAEA इस समय बराक प्लांट में मरम्मत के काम के लिए अपनी तकनीकी टीम और विशेषज्ञता यूएई को दे रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, मरम्मत का काम आने वाले कुछ हफ्तों में पूरा होने की उम्मीद है। इस हमले के बाद उपजे क्षेत्रीय हालातों पर चर्चा करने के लिए ग्रॉसी ने कुवैत, कतर और रियाद जैसे अन्य खाड़ी देशों का भी दौरा किया है और जल्द ही इस मुद्दे पर IAEA के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या बराक न्यूक्लियर प्लांट पर हुए हमले से कोई रेडिएशन का खतरा पैदा हुआ था?
नहीं, 17 मई 2026 को हुए ड्रोन हमले में केवल बाहरी जनरेटर को नुकसान पहुंचा था। रिएक्टर सुरक्षित थे और किसी भी प्रकार का रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ।
बराक प्लांट में मरम्मत का काम कब तक पूरा होगा?
IAEA की तकनीकी सहायता से बराक प्लांट में मरम्मत का काम जारी है और इसके आने वाले कुछ हफ्तों में पूरी तरह ठीक होने की उम्मीद है।
