UAE के बाराका न्यूक्लियर पावर प्लांट पर रविवार, 17 मई 2026 को ड्रोन हमला हुआ। इस हमले में प्लांट के बाहरी हिस्से में रखे एक बिजली जनरेटर में आग लग गई। हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि इससे परमाणु सुरक्षा को कोई खतरा नहीं हुआ है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है।
हमले में कितना नुकसान हुआ और क्या हालात हैं?
UAE के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि तीन ड्रोन ने बाराका न्यूक्लियर पावर प्लांट को निशाना बनाया था। इनमें से एक ड्रोन सुरक्षा घेरे को पार कर गया और बाहरी हिस्से में स्थित एक बिजली जनरेटर से जा टकराया, जिससे वहां आग लग गई।
- बिजली संकट: इस हमले के कारण रिएक्टर यूनिट 3 की बाहरी बिजली करीब 24 घंटे के लिए गुल हो गई थी। इस दौरान इमरजेंसी डीजल जनरेटर का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद अब बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
- सुरक्षा रिपोर्ट: फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने पुष्टि की कि प्लांट की सुरक्षा प्रणालियों पर कोई असर नहीं पड़ा।
- रेडिएशन: अधिकारियों ने साफ किया कि किसी भी तरह का रेडियोधर्मी पदार्थ लीक नहीं हुआ और रेडिएशन का स्तर सामान्य रहा। आम जनता या पर्यावरण को इससे कोई खतरा नहीं है।
IAEA और UAE सरकार का इस पर क्या कहना है?
IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल मारियानो ग्रोसी ने मंगलवार, 19 मई 2026 को UN सुरक्षा परिषद को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि परमाणु प्लांट के पास सैन्य गतिविधियां बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हैं और उन्होंने सभी पक्षों से सैन्य संयम बरतने की अपील की।
UAE के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को एक खतरनाक कदम और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। UN में UAE के राजदूत मोहम्मद अबुशहाब ने चेतावनी दी कि शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर हमला करना UAE के लिए एक रेड लाइन है। उन्होंने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस पर कड़ा एक्शन नहीं लिया तो ऐसे हमलों को बढ़ावा मिल सकता है।
हमले के पीछे कौन है और ड्रोन कहां से आए?
UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, हमले में इस्तेमाल किए गए ड्रोन इराकी इलाके से आए थे। वर्ल्ड न्यूक्लियर एसोसिएशन ने भी इस हमले की निंदा की है और जिम्मेदार लोगों से जिनेवा कन्वेंशन के नियमों का पालन करने को कहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान समर्थित कुछ मिलिशिया समूहों का हाथ होने की आशंका है। “ब्रिगेड्स ऑफ द ट्रू प्रॉमिस इन द अरेबियन पेनिनसुला” नाम के एक समूह ने पहले भी इस सुविधा को निशाना बनाने की धमकी दी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या बाराका प्लांट में रेडिएशन फैला है?
नहीं, UAE की फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने पुष्टि की है कि रेडियोधर्मी पदार्थ का कोई रिसाव नहीं हुआ और रेडिएशन का स्तर पूरी तरह सामान्य है।
ड्रोन हमले से प्लांट को क्या नुकसान हुआ?
ड्रोन ने बाहरी हिस्से के एक बिजली जनरेटर को हिट किया जिससे आग लग गई। इसकी वजह से रिएक्टर यूनिट 3 की बाहरी बिजली 24 घंटे के लिए चली गई थी, जिसे अब ठीक कर लिया गया है।
