अबू धाबी के बरकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले को लेकर अब बड़ी खबर आई है। UAE के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को साफ़ किया कि ये ड्रोन इराक की ज़मीन से लॉन्च किए गए थे। इस हमले से प्लांट के एक बिजली जनरेटर में आग लग गई थी, लेकिन अच्छी बात यह रही कि किसी भी इंसान को चोट नहीं आई और न ही कोई रेडिएशन लीक हुआ।
बरकाह न्यूक्लियर प्लांट पर हमले में क्या हुआ
यह घटना रविवार, 17 मई 2026 को अल धफरा इलाके में हुई। जांच में पता चला कि कुल तीन ड्रोन ने प्लांट को निशाना बनाने की कोशिश की थी। इनमें से एक ड्रोन बिजली जनरेटर से टकरा गया जिससे वहां आग लग गई, जबकि बाकी दो ड्रोन्स को डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही रोक लिया। Federal Authority for Nuclear Regulation (FANR) ने पुष्टि की कि आग से प्लांट के जरूरी सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ा। हमले के दौरान प्लांट की यूनिट 3 को कुछ समय के लिए इमरजेंसी डीजल जनरेटर पर चलाना पड़ा, लेकिन बाद में बिजली सप्लाई फिर से सामान्य हो गई।
UAE सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या कहना है
UAE के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार, 19 मई को आधिकारिक तौर पर बताया कि तकनीकी ट्रैकिंग और निगरानी के बाद यह कन्फर्म हुआ है कि तीनों ड्रोन इराक के इलाके से आए थे। मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि पिछले 48 घंटों में कुल छह ड्रोन देश को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें सफलतापूर्वक रोक लिया गया। International Atomic Energy Agency (IAEA) के चीफ राफेल ग्रॉसी ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और कहा कि चलते हुए परमाणु प्लांट पर हमला करना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। दूसरी तरफ, इराक सरकार के प्रवक्ता बस्सेम अल-अवादी ने इन हमलों की निंदा की है और क्षेत्रीय सहयोग की बात कही है।
क्यों महत्वपूर्ण है बरकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट
- यह प्लांट अबू धाबी में सऊदी और कतर की सीमा के पास स्थित है।
- यह UAE की बिजली का सबसे बड़ा स्रोत है और देश की कुल बिजली सप्लाई का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा यहीं से आता है।
- यह अरब दुनिया का एकमात्र परमाणु ऊर्जा प्लांट है।
UAE सरकार ने कहा है कि वह अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का अधिकार रखती है। यह हमला फरवरी में अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुए क्षेत्रीय तनाव के बीच हुआ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ड्रोन हमले से परमाणु प्लांट में रेडिएशन लीक हुआ
नहीं, IAEA और FANR दोनों ने पुष्टि की है कि रेडिएशन का स्तर पूरी तरह सामान्य रहा और प्लांट की सुरक्षा प्रणालियों पर कोई असर नहीं पड़ा।
हमले के बाद प्लांट की वर्तमान स्थिति क्या है
प्लांट के सभी यूनिट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। यूनिट 3 ने कुछ समय के लिए इमरजेंसी जनरेटर का इस्तेमाल किया था, लेकिन अब बिजली की बाहरी सप्लाई बहाल हो चुकी है।
