अबू धाबी के Barakah न्यूक्लियर पावर प्लांट पर 17 मई 2026, रविवार को एक ड्रोन हमला हुआ है. इस हमले में प्लांट की आंतरिक सुरक्षा सीमा के बाहर स्थित एक बिजली जनरेटर को निशाना बनाया गया, जिससे वहां आग लग गई. UAE सरकार ने इसे एक कायरतापूर्ण आतंकवादी हमला बताया है और इस मामले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) से तुरंत कार्रवाई की मांग की है.
हमले से कितना नुकसान हुआ और सुरक्षा की क्या स्थिति है?
अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने जानकारी दी है कि इस ड्रोन हमले में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रेडियोलॉजिकल सुरक्षा स्तरों पर इस घटना का कोई असर नहीं पड़ा है. फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने भी यह साफ़ किया है कि परमाणु संयंत्र की सुरक्षा प्रभावित नहीं हुई है और प्लांट की सभी इकाइयां सामान्य रूप से काम कर रही हैं.
भारत और अन्य देशों ने इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है. भारत ने इसे खतरनाक तनाव वृद्धि बताते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटने की अपील की है. अन्य देशों और संस्थाओं की प्रतिक्रिया इस प्रकार है:
- अरब लीग: इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून और नागरिक परमाणु सुविधाओं की सुरक्षा का स्पष्ट उल्लंघन बताया है.
- IAEA: परमाणु सुरक्षा को खतरे में डालने वाली सैन्य गतिविधि को अस्वीकार्य बताया है और कहा है कि इससे विनाशकारी जोखिम पैदा होता है.
- सऊदी अरब: दावा किया है कि उसने इराकी हवाई क्षेत्र से आ रहे तीन ड्रोनों को रोका है, जिनका संबंध इस घटना से हो सकता है.
- बहरीन: हमले के बाद देश में अलर्ट का उच्चतम स्तर घोषित कर दिया है.
UAE ने अब क्या कदम उठाए हैं?
UAE सरकार ने इस हमले को एक गंभीर उकसावा माना है. देश ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के खिलाफ किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने का अधिकार रखता है. इस घटना की गंभीरता को देखते हुए 19 मई 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें UAE हिस्सा ले रहा है ताकि इस खतरनाक बढ़ोतरी पर चर्चा कर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या परमाणु प्लांट में कोई रेडिएशन रिसाव हुआ है?
नहीं, IAEA और UAE के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विकिरण (Radiation) का स्तर बिल्कुल सामान्य है और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह बरकरार है.
इस ड्रोन हमले के पीछे किसका हाथ बताया जा रहा है?
आधिकारिक तौर पर अभी किसी का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए कुछ सूत्रों ने ईरान और उसके संबद्ध समूहों पर संदेह जताया है.
