यूएई के Barakah Nuclear Power Plant के पास रविवार को एक ड्रोन हमला हुआ जिससे हड़कंप मच गया। तीन ड्रोन देश की पश्चिमी सीमा में घुसे थे जिनमें से एक प्लांट के बाहरी हिस्से में जा गिरा। इस घटना के बाद यूएई सरकार ने इसे एक गंभीर चेतावनी माना है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।
ड्रोन हमले में क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ
यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 17 मई 2026 को तीन ड्रोन सीमा पार करके अंदर आए। सुरक्षा बलों ने दो ड्रोन को हवा में ही मार गिराया लेकिन एक ड्रोन Barakah Nuclear Power Plant के बाहर लगे एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर पर गिर गया। इससे वहां आग लग गई जिसे तुरंत बुझा लिया गया। FANR और KEPCO ने पुष्टि की कि यह आग प्लांट की सुरक्षा सीमा के बाहर थी और रेडिएशन का स्तर सामान्य रहा। इस हमले में किसी के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है और प्लांट के सभी सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
यूएई प्रशासन और दुनिया की क्या प्रतिक्रिया रही
राष्ट्रपति सलाहकार Anwar Gargash ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन और खतरनाक उकसावा बताया। उन्होंने साफ कहा कि कोई भी यूएई को मजबूर या कमजोर नहीं कर सकता। विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan ने IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी से बात की और कहा कि यूएई को ऐसे आतंकवादी हमलों का जवाब देने का पूरा अधिकार है। इस घटना के बाद सऊदी अरब, कतर, जॉर्डन और भारत समेत कई देशों ने हमले की निंदा की है। हालांकि यूएई ने आधिकारिक तौर पर किसी का नाम नहीं लिया है लेकिन ईरान या उसके प्रॉक्सी समूहों पर संदेह जताया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ड्रोन हमले से न्यूक्लियर प्लांट में रेडिएशन फैला
नहीं, FANR और IAEA ने पुष्टि की है कि आग प्लांट की सुरक्षा सीमा के बाहर लगी थी और रेडिएशन का स्तर पूरी तरह सामान्य रहा है।
हमले में कुल कितने ड्रोन शामिल थे
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार कुल तीन ड्रोन पश्चिमी सीमा से दाखिल हुए थे, जिनमें से दो को मार गिराया गया और एक प्लांट के बाहरी हिस्से में गिरा।
