अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत अब एक निर्णायक मोड़ पर है। जहाँ एक तरफ अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बातचीत में अच्छी प्रगति की बात कही है, वहीं यूएई के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी थी। राहत की बात यह है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी देशों के अनुरोध पर ईरान पर सैन्य हमले का फैसला फिलहाल टाल दिया है।

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बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन हमले की पूरी जानकारी

अबू धाबी के अल-धफरा क्षेत्र में स्थित बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहरी इलाके में 17 मई 2026 को एक ड्रोन हमला हुआ था। इस हमले की वजह से वहां के बिजली जनरेटर में आग लग गई थी। इस घटना को लेकर यूएई सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने निम्नलिखित जानकारियां साझा की हैं:

  • हमले का स्रोत: यूएई के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ये ड्रोन हमले इराकी क्षेत्र से शुरू किए गए थे।
  • सुरक्षा कार्रवाई: पिछले 48 घंटों के भीतर यूएई की सुरक्षा प्रणालियों ने कुल छह ड्रोन को नाकाम किया।
  • प्लांट की स्थिति: फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने 17 मई को स्पष्ट किया कि प्लांट की सुरक्षा प्रणालियों पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी इकाइयां सामान्य रूप से काम कर रही हैं।
  • नुकसान: अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में कोई चोट नहीं आई और न ही किसी तरह का रेडियोलॉजिकल रिसाव हुआ है।

अमेरिका-ईरान वार्ता और डोनाल्ड ट्रंप का फैसला

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका, सऊदी अरब, कतर और यूएई के बीच लगातार बातचीत जारी है। इस मामले में कुछ अहम अपडेट्स सामने आए हैं:

  • ट्रंप का फैसला: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18-19 मई 2026 को ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमले को टाल दिया। यह फैसला सऊदी अरब, कतर और यूएई के शीर्ष नेताओं के अनुरोध पर लिया गया।
  • जेडी वेंस का बयान: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 19-20 मई 2026 को कहा कि ईरान के साथ बातचीत में काफी प्रगति हुई है।
  • अमेरिका की चेतावनी: जेडी वेंस ने साफ किया कि ईरान को कभी परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं मिलेगी। यदि कूटनीति विफल होती है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।

भारत का रुख और वैश्विक प्रतिक्रिया

यूएई के परमाणु संयंत्र को निशाना बनाने की घटना पर भारत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने इस हमले की निंदा की और इसे एक खतरनाक वृद्धि बताया। भारत ने सभी संबंधित देशों से संयम बरतने और कूटनीति के जरिए मसलों को सुलझाने की अपील की है। यूएई ने परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाना एक बेहद खतरनाक कदम बताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन हमला कब और कहां हुआ

यह हमला 17 मई 2026 को अबू धाबी के अल-धफरा क्षेत्र में प्लांट के बाहरी इलाके में हुआ था, जिससे बिजली जनरेटर में आग लग गई थी।

क्या ड्रोन हमले से परमाणु रिसाव हुआ है

नहीं, यूएई के फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने पुष्टि की है कि कोई रेडियोलॉजिकल रिसाव नहीं हुआ और प्लांट पूरी तरह सुरक्षित और चालू है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमला क्यों नहीं किया

ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर और यूएई के अनुरोध पर हमला टाल दिया क्योंकि इन देशों ने बताया कि ईरान के साथ परमाणु संकट को लेकर गंभीर बातचीत चल रही है।