यूएई की राजधानी अबू धाबी की कंपनी ग्लोबल साउथ यूटिलिटीज (GSU) ने सोमालीलैंड के बरबेरा शहर में ‘ग्रीन बरबेरा इनिशिएटिव’ के दूसरे फेज को शुरू करने का ऐलान किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत वहां डीजल पर निर्भरता को कम करके सोलर एनर्जी और बैटरी स्टोरेज सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा। इस बड़े कदम से अफ्रीका के इस हिस्से में बिजली का संकट दूर होगा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
क्या है ग्रीन बरबेरा प्रोजेक्ट का दूसरा फेज और इसमें क्या होगा खास?
इस दूसरे फेज के तहत बरबेरा में 12 मेगावाट (MWp) का सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। इसके साथ ही 70 मेगावाट-घंटे (MWh) का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी तैयार होगा। इससे पहले फरवरी 2026 में इसके पहले फेज में 5 मेगावाट का सोलर प्लांट शुरू किया गया था। इस नए प्रोजेक्ट से शहर को डीजल के महंगे आयात से मुक्ति मिलेगी और सस्ती बिजली मिल सकेगी। इस विस्तार प्रोजेक्ट पर लगभग 24 मिलियन डॉलर खर्च किए जा रहे हैं।
प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य बातें और आंकड़े क्या हैं?
इस पूरे प्रोजेक्ट में यूएई की कई बड़ी संस्थाएं और सरकारी विभाग शामिल हैं। बरबेरा शहर को आधुनिक बनाने के लिए कई स्तर पर निवेश किया गया है। इसे नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझा जा सकता है:
| प्रोजेक्ट का हिस्सा | क्षमता और निवेश | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|---|
| फेज-2 सोलर प्लांट | 12 MWp | नया सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा |
| बैटरी स्टोरेज (BESS) | 70 MWh | बिजली स्टोर करने के लिए सिस्टम |
| फेज-1 सोलर प्लांट | 5 MWp | फरवरी 2026 में चालू किया गया था |
| कुल प्रोजेक्ट बजट | 24 मिलियन डॉलर | सोमालीलैंड सरकार द्वारा घोषित बजट |
| डीपी वर्ल्ड निवेश | 442 मिलियन डॉलर | बरबेरा पोर्ट को आधुनिक बनाने के लिए |
| अबू धाबी फंड | 7.8 मिलियन डॉलर | 7 मेगावाट सोलर प्लांट के लिए (2021) |
इस प्रोजेक्ट से आम लोगों और व्यापार को क्या फायदा होगा?
ग्लोबल साउथ यूटिलिटीज (GSU) के सीईओ अली अलशिमरी ने बताया कि ग्रीन बरबेरा प्रोजेक्ट से इस पूरे इलाके की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। बरबेरा पोर्ट को एक क्लीन एनर्जी हब के रूप में पहचान मिलेगी। जब शहर को सस्ती और बिना रुकावट के बिजली मिलेगी, तो इससे व्यापार, लॉजिस्टिक्स और फैक्ट्रियों को चलाने में आसानी होगी। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ग्रीन बरबेरा प्रोजेक्ट के दूसरे फेज में क्या-क्या शामिल है?
इसके दूसरे फेज में 12 MWp का सोलर पावर प्लांट और 70 MWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शामिल है, जो डीजल पर निर्भरता कम करेगा।
इस प्रोजेक्ट में कुल कितना निवेश हो रहा है?
सोमालीलैंड सरकार के अनुसार इस सोलर और स्टोरेज विस्तार प्रोजेक्ट पर कुल 24 मिलियन डॉलर का निवेश किया जा रहा है।
