दुनिया के बड़े बिजनेस टायकून और निवेशक अब अपना घर दुबई और अबू धाबी में बना रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा नाम बिनेंस (Binance) के संस्थापक चांगपेंग झाओ (CZ) का है। यूएई की टैक्स फ्री नीति और आसान वीजा नियमों की वजह से दुनिया भर के अमीर लोग अब यहां शिफ्ट हो रहे हैं।

🗞️: UAE में नौकरी चाहिए तो अब अंग्रेजी आएगी काम, कंपनियों ने बदला नियम, अब होगा टेस्ट

UAE में अमीरों के आने की बड़ी वजह क्या है?

यूएई के वित्त मंत्रालय ने 19 मई 2026 को यह साफ किया कि यहां व्यक्तियों और निवेशकों पर कोई व्यक्तिगत आयकर (Income Tax) नहीं लगता है। इस वजह से निवेशक अपने मुनाफे को पूरी तरह बचा पाते हैं। इसके अलावा, सरकार ने गोल्डन वीजा के नियमों को बहुत आसान बना दिया है। जुलाई 2025 में एक नया नामांकन-आधारित वीजा शुरू हुआ, जिसके लिए अब किसी बड़ी संपत्ति की जरूरत नहीं है। अब लोग करीब 23.3 लाख रुपये (AED 100,000) की फीस देकर यह वीजा ले सकते हैं। मार्च 2026 के नए नियमों के बाद गोल्डन वीजा धारकों को नागरिकों जैसे फायदे मिलने लगे हैं, जिसमें ई-यात्रा दस्तावेज 30 मिनट में मिल जाते हैं। अब वैज्ञानिक, यूट्यूबर्स, डिजिटल क्रिएटर्स और लक्जरी नौका मालिक भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

कौन से बड़े नाम और कितनी संपत्ति आई यूएई में?

फोर्ब्स मिडिल ईस्ट की मई 2026 की रैंकिंग के मुताबिक, यूएई में अब 17 अरबपति रहते हैं जिनकी कुल संपत्ति 212.6 बिलियन डॉलर है। इनमें सबसे ज्यादा संपत्ति बिनेंस के मालिक CZ की है, जो करीब 110 बिलियन डॉलर है। वह नवंबर 2023 से यूएई के निवासी बन चुके हैं।

विवरण आंकड़े
कुल अरबपति निवासी 17
कुल संपत्ति (UAE) $212.6 बिलियन
CZ की संपत्ति $110 बिलियन
गोल्डन वीजा फीस AED 100,000 (₹23.3 लाख)
भारत में यूएई निवेश $5 बिलियन
पलायन का दावा (मध्यम वर्ग) 2.5 मिलियन लोग
होटल अधिभोग दावा 25%

पीएम मोदी का दौरा और अन्य बड़े अपडेट

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 मई 2026 को यूएई का दौरा किया। इस दौरान भारत में 5 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा हुई। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, एआई और साइबर सुरक्षा पर कई समझौते हुए। वहीं, 18 मई 2026 को दुबई में एक कंटेनर शिप पर हमले की खबर आई, जिसके बाद पीएम मोदी ने समुद्र में सुरक्षित आवाजाही की जरूरत पर जोर दिया। दूसरी तरफ, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बढ़ती लागत की वजह से करीब 25 लाख मध्यम वर्गीय लोग दुबई छोड़ रहे हैं, हालांकि यह खबर अमीर लोगों के यहां आने की प्रवृत्ति से अलग है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई का गोल्डन वीजा अब कौन ले सकता है?

अब वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षक, यूट्यूबर्स, पॉडकास्टर्स, डिजिटल क्रिएटर्स और लक्जरी नौका मालिक भी इसके पात्र हैं। जुलाई 2025 से नामांकन-आधारित वीजा शुरू हुआ है जिसके लिए AED 100,000 की फीस देनी होती है।

क्या यूएई में रहने पर कोई टैक्स देना पड़ता है?

यूएई वित्त मंत्रालय के अनुसार, व्यक्तियों और निवेशकों पर कोई व्यक्तिगत आयकर नहीं लगता है। केवल तेल कंपनियों और विदेशी बैंकों की कुछ शाखाओं के लिए अलग नियम हैं।