UAE ने ब्रिक्स बैठक में उठाया होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा, ईरान के हमलों पर जताई कड़ी चिंता.

यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जायौदी ने भारत के जयपुर में आयोजित 16वें ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने व्यापारिक मुद्दों के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और कमर्शियल शिपिंग पर हो रहे हमलों का गंभीर मुद्दा उठाया। यह बैठक भारत की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न देशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस सम्मेलन में यूएई और ब्रिक्स देशों के बीच आपसी व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण रणनीतियों पर चर्चा की गई, लेकिन किसी साझा घोषणापत्र पर सहमति नहीं बन सकी।
ब्रिक्स बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा
भारत के जयपुर में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को सुरक्षित रखने और समावेशी व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसके अलावा माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज यानी MSMEs को मजबूत करने और ग्लोबल वैल्यू चेन को बेहतर बनाने के लिए बातचीत हुई। मंत्रियों ने Strategy for BRICS Economic Partnership 2030 को अंतिम रूप दिया जिसे आगामी शिखर सम्मेलन में नेताओं के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही छोटे व्यवसायों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए जयपुर कंसेंसस और क्रेडिट गाइडिंग प्रिंसिपल्स को भी अपनाया गया। इस बैठक से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए आप UNI India की रिपोर्ट देख सकते हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने की मांग
सम्मेलन के दौरान यूएई के मंत्री डॉ. अल जायौदी ने ईरान द्वारा कमर्शियल जहाजों पर किए जा रहे हमलों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगातार बंद रहने पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और इस मार्ग को तुरंत तथा बिना किसी शर्त के फिर से खोलने की जोरदार मांग उठाई। यूएई का मानना है कि वैश्विक व्यापार और आर्थिक सहयोग के लिए समुद्री मार्गों का सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, सम्मेलन के इतर डॉ. अल जायौदी ने भारत के केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की, जिसमें दोनों देशों के बीच इंडिया-यूएई सीईपीए यानी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के तहत व्यापार और निवेश को और अधिक मजबूत बनाने पर बातचीत की गई।
यूएई और ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार के आंकड़े
यूएई और ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। वर्ष 2025 में यूएई और ब्रिक्स राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय गैर-तेल विदेशी व्यापार 312 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक दर्ज किया गया। यह आंकड़ा वर्ष 2024 के 243 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में 28.5 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी को दर्शाता है। साल 2025 में ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी यूएई के कुल गैर-तेल विदेशी व्यापार में लगभग 31 प्रतिशत, आयात में 34 प्रतिशत, गैर-तेल निर्यात में 23 प्रतिशत और पुनर्व्यापार में 28 प्रतिशत रही। विशेष रूप से भारत और यूएई के बीच गैर-तेल व्यापार वर्ष 2025 में बढ़कर 76.2 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17.3 प्रतिशत अधिक है।