UAE ने ब्रिक्स बैठक में उठाया होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा, ईरान की हरकतों पर जताई गहरी चिंता.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने भारत के जयपुर में आयोजित 16वें ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया और वैश्विक व्यापार के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। इस बैठक में भारत की अध्यक्षता में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें डिजिटल बदलाव के दौर में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना शामिल था। बैठक के दौरान यूएई के विदेश व्यापार मंत्री ने ईरान की उन हरकतों पर गंभीर चिंता जताई जिनसे कमर्शियल जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की स्थिति पैदा हो गई है।
जयपुर में हुई बैठक और मुख्य मुद्दे
भारत की अध्यक्षता में 7 अगस्त 2026 को जयपुर, राजस्थान में ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक संपन्न हुई, जिसका मुख्य विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के साथ निर्माण' था। इस बड़े सम्मेलन से पहले 6 अगस्त 2026 को दसवीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक भी जयपुर में ही आयोजित की गई थी। इसके अलावा नई दिल्ली में आर्थिक और व्यापार मामलों के संपर्क समूह की तीसरी बैठक भी हुई थी। इन सभी बैठकों का मकसद बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को बचाना और छोटे एवं मध्यम उद्योगों को मजबूत करना था। भारत के केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस बैठक की अध्यक्षता की और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
यूएई के मंत्री ने उठाया समुद्री सुरक्षा का मुद्दा
यूएई के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेउदी ने बैठक में देश का प्रतिनिधित्व किया और कई देशों के मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। अपनी बात रखते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कमर्शियल शिपिंग पर ईरान के हमलों और हरकतों की वजह से हालात बिगड़ रहे हैं। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के लगातार बंद होने पर गहरी नाराजगी जताई और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नेविगेशन की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए इसे तुरंत और बिना किसी शर्त के फिर से खोलने की वकालत की। इस बारे में अधिक जानकारी ANI News की रिपोर्ट में दी गई है।
बैठक के परिणाम और आगे की योजना
विभिन्न मुद्दों पर लंबी चर्चा के बाद भी सभी देश किसी संयुक्त घोषणापत्र पर आम सहमति नहीं बना सके। हालांकि इसके बावजूद बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनमें ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी रणनीति 2030 को अंतिम रूप देना शामिल है। इसके अलावा जयपुर सहमति, छोटे उद्योगों के लिए क्रेडिट के दिशानिर्देश और साल 2026 से 2030 के लिए ग्लोबल वैल्यू चेन एक्शन प्लान को भी मंजूरी दी गई। प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो यानी PIB के बयान के अनुसार, बैठक के अंत में एक अध्यक्ष का बयान और चार एनेक्स जारी किए गए। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने यूएई और इंडोनेशिया के मंत्रियों के साथ अलग से बैठकें करके आपसी व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर चर्चा की, जबकि वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने मेहमानों का स्वागत किया था।