UAE में ईरान से जुड़ा आतंकी गिरोह पकड़ा गया, देश को अस्थिर करने की थी साजिश, कई सदस्य गिरफ्तार
UAE की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बहुत बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह देश के अंदर रहकर गड़बड़ी करने की कोशिश कर रहा था। सरकार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा नेटवर्क बाहरी ताकतों के इशारे पर काम कर रहा था।
इस आतंकी नेटवर्क के पीछे किसका हाथ था?
UAE के State Security Department ने बताया कि इस नेटवर्क को ईरान और लेबनान के Hezbollah द्वारा फंड दिया जा रहा था। ये लोग फर्जी कंपनियों के नाम पर अपना काम चला रहे थे। इनका मकसद UAE की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को नुकसान पहुँचाना था। जांच में पाया गया कि ये लोग बाहरी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे।
गिरोह पर क्या आरोप लगे हैं और क्या था तरीका?
अधिकारियों के मुताबिक, यह नेटवर्क कानूनी नियमों का उल्लंघन कर रहा था। इन पर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को पैसा पहुँचाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इन्होंने देश की आर्थिक स्थिरता को खतरे में डालने की कोशिश की। सरकार ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का इस्तेमाल आतंकी कामों के लिए करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
ताजा अपडेट और अन्य देशों की प्रतिक्रिया
यह कार्रवाई 20 मार्च 2026 को हुई। उसी समय ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर जवाबी हमलों की खबरें भी आ रही थीं। वहीं, लेबनान के विदेश मंत्रालय ने इस साजिश की निंदा की है। लेबनान ने कहा है कि वह इस मामले की जांच में पूरा सहयोग करेगा। UAE ने चेतावनी दी है कि बाहरी हस्तक्षेप किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जिम्मेदार विभाग | UAE State Security Department |
| मुख्य आरोपी | ईरान और Hezbollah |
| कार्रवाई की तारीख | 20 मार्च 2026 |
| मुख्य आरोप | मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग |
| काम करने का तरीका | फर्जी कमर्शियल फ्रंट्स |
| अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया | लेबनान द्वारा निंदा और सहयोग का वादा |