UAE सरकार ने सूडान में चल रहे युद्ध को रोकने के लिए अपनी आवाज उठाई है। UAE ने मांग की है कि वहां तुरंत युद्धविराम हो और देश की कमान नागरिकों के हाथ में सौंपी जाए ताकि आम लोगों की जान बचाई जा सके और शांति बहाल हो सके।

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UAE की मांग और मानवीय सहायता

UAE विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि वह मानवीय युद्धविराम और स्थायी शांति के सभी प्रयासों का पूरा समर्थन करता है। UAE का कहना है कि सबसे पहली प्राथमिकता आम नागरिकों की सुरक्षा करना और उन तक जरूरी मानवीय मदद पहुंचाना होना चाहिए। मंत्रालय ने जोर दिया कि राजनीतिक समाधान ही इस संकट का सही रास्ता है।

अंतरराष्ट्रीय बैठकें और ओस्लो फोरम

सूडान के मुद्दे पर 8 जून 2026 को एक संयुक्त अंतरराष्ट्रीय बयान आया था, जिसका UAE ने स्वागत किया। इससे पहले 3 से 5 जून 2026 के बीच Addis Ababa में बातचीत हुई थी ताकि सूडान के लोगों के बीच संवाद शुरू किया जा सके। इसी कड़ी में 10 और 11 जून 2026 को Oslo Forum का आयोजन हुआ। इस फोरम में UN के प्रतिनिधि Pekka Haavisto और अन्य शांति दूतों ने सूडान के विवाद को सुलझाने के तरीकों पर चर्चा की।

नागरिक सरकार और भविष्य की योजना

UAE ने बर्लिन कॉन्फ्रेंस के नतीजों और अन्य राजनयिक कोशिशों की सराहना की है। UAE चाहता है कि सूडान में एक ऐसी स्वतंत्र नागरिक सरकार बने जो वहां के लोगों की उम्मीदों को पूरा करे। इसका मुख्य उद्देश्य सूडान के लोगों को सुरक्षा, स्थिरता और एक सम्मानजनक जीवन देना है। इसके लिए UAE ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिलकर काम करने की अपील की है।