UAE सरकार ने 18 जुलाई 2026 को क्षेत्रीय हालात पर गहरी चिंता जताई है। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार सात दिनों से चल रहे हमलों के बीच, UAE ने सभी पक्षों से बातचीत के जरिए शांति बहाली और संयम बरतने की अपील की है। सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा और होर्मज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को सामान्य बनाए रखने पर जोर दिया है।
हमलों का बढ़ता दायरा
अमेरिका ने ईरान के निगरानी केंद्रों, सैन्य लॉजिस्टिक्स और हथियारों के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों का उद्देश्य होर्मज में व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित करना और जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेना है। वहीं, ईरान ने भी पलटवार करते हुए खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। कुवैत ने आरोप लगाया है कि ईरान ने उसके तेल संयंत्रों और पानी-बिजली के प्लांट पर हमला किया है।
प्रवासियों और क्षेत्र पर असर
ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने अमेरिका को कड़ा सबक सिखाने की धमकी दी है। इस संघर्ष में ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 50 लोगों की मौत हुई है और 500 से अधिक घायल हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए Bahrain ने हवाई हमलों के खतरे को भांपते हुए सायरन बजाकर अलर्ट जारी किया है। खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि किसी भी बड़े युद्ध या तनाव का असर सीधे तौर पर क्षेत्र की सुरक्षा और जरूरी सेवाओं पर पड़ता है।
