दुनिया के सबसे ज़रूरी समुद्री रास्तों में से एक Strait of Hormuz इस वक्त भारी संकट में है. UAE ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में इस मुद्दे को उठाते हुए मांग की है कि इस रास्ते को बिना किसी शर्त के तुरंत खोला जाए. समुद्री जहाजों की आवाजाही रुकने से पूरी दुनिया में तेल और ऊर्जा की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है और हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं.

Strait of Hormuz में क्या चल रहा है और क्यों है परेशानी?

इस पूरे विवाद की शुरुआत फरवरी 2026 से हुई जब ईरान ने इस रास्ते से जहाजों का आना-जाना काफी हद तक बंद कर दिया. इसके बाद अप्रैल 2026 में अमेरिका ने भी ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी, जिससे वहां ‘दोहरी नाकेबंदी’ (dual blockade) जैसी स्थिति बन गई. इस वजह से:

  • टैंकर ट्रैफिक: तेल ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही में करीब 70% की गिरावट आई है.
  • फंसे हुए जहाज: लगभग 150 से ज्यादा जहाज रास्ते के बाहर खड़े हैं और अंदर नहीं जा पा रहे हैं.
  • ऊर्जा संकट: जानकारों का कहना है कि 1970 के दशक के बाद यह दुनिया के लिए ऊर्जा सप्लाई का सबसे बड़ा संकट है.

UAE ने UN Security Council में क्या बड़े खुलासे किए?

UAE के मंत्री Khalifa bin Shaheen Al Marar ने UN में कहा कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय रास्तों को रोकने के लिए पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि ईरान ने न केवल रास्ता रोका है बल्कि जहाजों पर अवैध फीस लगाई है और कई तरह के हमलों और धमकियों का इस्तेमाल किया है. UAE ने मांग की है कि ईरान इन हरकतों से हुए नुकसान की भरपाई करे. साथ ही, UN Security Council Resolution 2817 का हवाला दिया गया, जिसमें ईरान द्वारा रास्ता रोकने को गैरकानूनी बताया गया है.

पूरी दुनिया और आम लोगों पर इसका क्या असर होगा?

यह सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं है बल्कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. Seychelles और Thailand जैसे देशों ने भी चिंता जताई है कि इस नाकेबंदी से उनकी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है. समुद्री रास्तों के बंद होने से सामान की ढुलाई महंगी होगी और तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है. इसी बीच, UAE ने 1 मई 2026 से OPEC से अलग होने का भी फैसला लिया है ताकि भविष्य की योजनाएं बेहतर तरीके से बनाई जा सकें.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz क्यों बंद हुआ है?

28 फरवरी 2026 को ईरान ने शिपिंग ट्रैफिक को ब्लॉक करना शुरू किया और 13 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी, जिससे यह रास्ता लगभग बंद हो गया।

इस संकट का असर दुनिया पर क्या पड़ रहा है?

टैंकर ट्रैफिक में 70% की कमी आई है और 150 से ज्यादा जहाज फंसे हुए हैं, जिससे यह 1970 के दशक के बाद ऊर्जा सप्लाई का सबसे बड़ा व्यवधान बन गया है।