संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने संयुक्त राष्ट्र (UN) से ईरान के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। यूएई का कहना है कि ईरान लगातार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन कर रहा है और क्षेत्र में नागरिक ठिकानों तथा बुनियादी ढांचे पर हमले कर रहा है। दुबई के प्रमुख रेडियो स्टेशन ‘दुबई आई 103.8’ ने इस खबर को प्रमुखता से प्रसारित किया है, जिसमें बताया गया है कि ईरान की इन सैन्य हरकतों से पूरे खाड़ी देश और वैश्विक आर्थिक सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

यूएई पर अब तक कितने हमले कर चुका है ईरान?

यूएई के अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, ईरान ने पिछले कुछ महीनों में लगातार कई बड़े हवाई हमले किए हैं। यूएई के राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बैठक के दौरान बताया था कि 28 फरवरी 2026 से लेकर अब तक यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने लगभग 3,000 ड्रोन और मिसाइल हमलों को हवा में ही सफलतापूर्वक मार गिराया है।

इसके अलावा, 4 मई 2026 को ईरान ने सीधे यूएई को निशाना बनाते हुए 12 बैलिस्टिक मिसाइलें, 3 क्रूज मिसाइलें और 4 ड्रोन दागे थे। इस बड़े हमले के कारण फुजैराह के तेल औद्योगिक क्षेत्र में भीषण आग लग गई थी, जिसमें तीन नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यूएई ने इस हमले के खिलाफ अपनी सुरक्षा करने के सैन्य और कानूनी अधिकारों को पूरी तरह से सुरक्षित रखा है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 में क्या है?

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 11 मार्च 2026 को सर्वसम्मति से प्रस्ताव 2817 अपनाया था। इस प्रस्ताव को बहरीन ने अन्य खाड़ी देशों और जॉर्डन की तरफ से पेश किया था, जिसे दुनिया के 135 से अधिक देशों का समर्थन हासिल हुआ था।

  • इस प्रस्ताव के जरिए ईरान द्वारा यूएई, जीसीसी देशों और जॉर्डन पर बिना किसी उकसावे के किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई थी।
  • प्रस्ताव में साफ कहा गया है कि ईरान तुरंत इन हमलों को बंद करे और अपने किसी भी सहयोगी संगठन के जरिए पड़ोसी देशों को धमकी देना बंद करे।
  • इसके साथ ही इस प्रस्ताव में यूएई और अन्य प्रभावित देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी रक्षा में सैन्य कदम उठाने का पूरा अधिकार दिया गया है।

वैश्विक व्यापार और होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट

संयुक्त राष्ट्र में यूएई की राजदूत घसाक शाहीन ने 22 मई 2026 को सुरक्षा परिषद की खुली बहस में हिस्सा लेते हुए गंभीर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि ईरान केवल मिसाइल हमले ही नहीं कर रहा है, बल्कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी करने की कोशिश भी कर रहा है। इस समुद्री रास्ते के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही रुक सकती है, जिससे पूरी दुनिया के व्यापार और मानवीय सहायता पहुंचाने के काम में बड़ी बाधा आ रही है। यूएई ने साफ किया है कि वह अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई ने ईरान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र से क्या कार्रवाई करने को कहा है?

यूएई ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से प्रस्ताव 2817 को पूरी तरह लागू करने की मांग की है ताकि ईरान द्वारा लगातार किए जा रहे नागरिक हमलों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग की नाकाबंदी को रोका जा सके।

ईरान के हमलों से यूएई को क्या नुकसान पहुंचा है?

मई 2026 की शुरुआत में ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों के कारण फुजैराह के तेल औद्योगिक क्षेत्र में आग लग गई थी और तीन लोग घायल हो गए थे। हालांकि यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने फरवरी से अब तक लगभग 3,000 हवाई हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com