कुवैत और बहरीन पर हुए हमलों के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने सभी खाड़ी देशों से एक साथ खड़े होने की अपील की है। 3 जून 2026 को ईरान की तरफ से कुवैत और बहरीन को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन दागे गए थे। इस हमले के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बहुत ज्यादा बढ़ गई है और यूएई ने साफ कहा है कि किसी भी एक देश पर हमला पूरे खाड़ी क्षेत्र पर हमला माना जाएगा।

यूएई के सलाहकार अनवर गरगाश ने क्या बयान दिया है?

यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश (Anwar Gargash) ने कहा है कि किसी भी खाड़ी देश को अकेले इस तरह के हमलों का सामना करने के लिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अरब खाड़ी देशों की सुरक्षा आपस में जुड़ी हुई है, उनके हित एक हैं और उनका भविष्य भी एक है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने भी ईरान के इस कदम की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है।

कुवैत और बहरीन में हमले से कितना नुकसान हुआ?

ईरान के इस हमले में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। इसके बाद कुवैत एयरवेज को अपनी उड़ानें रोकनी पड़ीं और बाद में दूसरे टर्मिनल से संचालन शुरू किया गया। वहीं बहरीन की सेना ने अमेरिकी सेना के साथ मिलकर तीन मिसाइलों और कई ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया। इन मिसाइलों का निशाना बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना का 5वां बेड़ा था।

ईरान ने हमले के पीछे क्या वजह बताई है?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरानी तेल टैंकर और द्वीप पर की गई कार्रवाई के जवाब में की है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कुवैत और बहरीन पर अमेरिका की मदद करने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ, सऊदी अरब, कतर और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल बुदैवी ने ईरान की इस हरकत को बेहद खतरनाक और क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने वाला बताया है। इस तनाव के बीच कुवैत ने दो ईरानी दूतावास कर्मियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले का क्या असर हुआ?

ईरान के हमले में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और कुवैत एयरवेज को अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।

यूएई ने इस हमले पर क्या रुख अपनाया है?

यूएई ने हमले की कड़ी निंदा की है और राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गरगाश ने सभी खाड़ी देशों (GCC) से एकजुट रुख अपनाने की अपील की है।

ईरान ने कुवैत और बहरीन को निशाना क्यों बनाया?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दावा है कि उन्होंने यह हमला अमेरिका द्वारा ईरानी तेल टैंकर और द्वीप पर की गई कार्रवाई के बदले में किया है और उन्होंने कुवैत-बहरीन पर अमेरिका का साथ देने का आरोप लगाया है।