यूएई और कनाडा ने एक बेहद महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर मुहर लगा दी है, जिसे Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) कहा जा रहा है। इस डील को रिकॉर्ड समय में यानी महज 47 दिनों के भीतर पूरा कर लिया गया है, जो दोनों देशों के बीच भविष्य में व्यापार को आसान बनाएगा। इस समझौते की जानकारी 24 जुलाई 2026 को दी गई है।
व्यापार में आएगी तेजी
इस समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार में आने वाली रुकावटें कम हो जाएंगी और सामानों पर लगने वाला टैक्स (Tariff) भी घटेगा। यूएई के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ायोदी ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच गहरे रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करेगा। वहीं कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने बताया कि इससे कनाडा के कारोबारियों को यूएई के जरिए अपना सामान अन्य बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
भारत और अन्य देशों के लिए मौके
साल 2025 में यूएई और कनाडा के बीच व्यापार का आंकड़ा लगभग 4.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था, जो पिछले साल के मुकाबले 21% ज्यादा है। इस नए समझौते के बाद कई क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा, जिनमें शामिल हैं:
- एयरोस्पेस और एविएशन
- क्लीन एनर्जी और नई तकनीक
- डेटा सेंटर
- एग्री-फूड और सीफूड
- क्रिटिकल मिनरल्स
इसके अलावा यूएई पहले ही कनाडा की माइनिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पोर्ट प्रोजेक्ट्स में 50 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा कर चुका है। यह नया समझौता मौजूदा फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एंड प्रोटेक्शन एग्रीमेंट (FIPA) के साथ मिलकर काम करेगा, जिससे कनाडा और यूएई की आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई मिलेगी।
