UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद और कनाडा के प्रधानमंत्री के सीनियर एडवाइजर स्कॉट गिलमोर के बीच अबू धाबी में एक अहम मीटिंग हुई। इस मुलाकात में ईरान की तरफ से हुए मिसाइल हमलों और उससे दुनिया भर में होने वाले असर पर चर्चा की गई। कनाडा ने इस मुश्किल घड़ी में यूएई के साथ खड़े रहने का वादा किया है।
ईरान के हमलों का दुनिया और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा
मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई कि ईरान ने बिना किसी वजह के UAE और अन्य दोस्त देशों पर मिसाइल हमले किए। इन हमलों से न सिर्फ इलाके की शांति और सुरक्षा को खतरा हुआ, बल्कि समुद्री सुरक्षा, तेल की सप्लाई और ग्लोबल इकोनॉमी पर भी बुरा असर पड़ा है। स्कॉट गिलमोर ने साफ़ तौर पर कहा कि कनाडा UAE की सुरक्षा और उसकी सीमाओं की रक्षा के लिए उठाए गए हर कदम का समर्थन करता है।
UAE पर हुए हमलों का पूरा हिसाब-किताब
फरवरी 2026 से ईरान की तरफ से UAE पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 9 अप्रैल 2026 तक UAE के डिफेंस सिस्टम ने भारी संख्या में हमलों को रोका। इसका पूरा ब्यौरा नीचे दिया गया है:
- बैलिस्टिक मिसाइलें: 537 नष्ट की गईं
- ड्रोन हमले: 2,256 इंटरसेप्ट किए गए
- क्रूज मिसाइलें: 26 नष्ट की गईं
- नुकसान: 13 लोगों की जान गई और 224 लोग घायल हुए
GCC समिट और कनाडा के साथ अन्य बातचीत
इसी दिन शेख अब्दुल्ला बिन जायद ने सऊदी अरब के जेद्दा में 19वें GCC समिट में भी हिस्सा लिया। वहां सभी सदस्य देशों ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया। इससे पहले 20 अप्रैल को कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से भी फोन पर बात हुई थी, जिसमें अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (ceasefire) और शांति बनाए रखने पर चर्चा हुई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कनाडा ने यूएई की मदद के लिए क्या कहा?
कनाडा के प्रतिनिधि स्कॉट गिलमोर ने यूएई के साथ अपनी एकजुटता जताई और उसकी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए यूएई सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदमों का पूरा समर्थन किया।
ईरान के हमलों में यूएई को कितना नुकसान हुआ?
9 अप्रैल 2026 तक यूएई ने करीब 2,800 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम किया, लेकिन इन हमलों के कारण 13 लोगों की मौत हुई और 224 लोग घायल हुए।