UAE सरकार का बड़ा फैसला, KG से दूसरी कक्षा तक के बच्चों का होमवर्क हुआ बंद.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE की सरकार ने स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए एक बहुत बड़ा ऐलान किया है। देश के शिक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि पब्लिक स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों यानी Kindergarten (KG) से लेकर Grade 2 तक के छात्रों के लिए पारंपरिक होमवर्क हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा। यह नया नियम आने वाले शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पूरे देश में लागू किया जाएगा। शिक्षा मंत्री Sarah Al Amiri ने इस बात की आधिकारिक जानकारी 26 अगस्त 2026 को सार्वजनिक की थी, जिसके बाद से ही इस फैसले की चर्चा हर तरफ हो रही है।
बच्चों का मानसिक बोझ कम करने की तैयारी
इस नीति को बदलने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों के ऊपर से पढ़ाई का अतिरिक्त मानसिक बोझ कम करना है। अक्सर यह देखा जाता था कि स्कूल से आने के बाद छोटे बच्चों को ढेर सारा होमवर्क करना पड़ता था, जिससे उन्हें खेलने कूदने और आराम करने का समय नहीं मिल पाता था। इस नए बदलाव के बाद अब बच्चे स्कूल के बाद के समय में सुकून से रह सकेंगे, अपने परिवार के साथ अधिक समय बिता सकेंगे और अपनी पसंद की किताबें पढ़ सकेंगे। सरकार चाहती है कि बच्चे तनाव मुक्त माहौल में बड़े हों और उनका बचपन केवल किताबों के बोझ तले न दबे।
स्कूल के समय में ही मजबूत होगी नींव
अक्सर अभिभावकों के मन में यह सवाल आता है कि अगर होमवर्क नहीं मिलेगा तो बच्चों की पढ़ाई कैसे पूरी होगी। इस पर शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों और शिक्षकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे बच्चों की बुनियादी स्किल्स जैसे पढ़ना, लिखना और गणित के सवालों को स्कूल के समय में ही कक्षा के अंदर मजबूत करें। इसके लिए शिक्षकों को खास तरीके से पढ़ाने की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि घर पर किसी भी तरह के असाइनमेंट की जरूरत ही न पड़े। यह पहल मंत्रालय के उन छह नए शैक्षिक सुधारों का हिस्सा है जिन्हें आने वाले नए शैक्षणिक वर्ष के लिए तैयार किया गया है। आपको बता दें कि नया शैक्षणिक सत्र आधिकारिक तौर पर 31 अगस्त 2026 से शुरू होने जा रहा है।
अन्य बड़े सुधार और सरकारी नियम
यूएई सरकार केवल होमवर्क खत्म करने पर ही नहीं रुक रही है, बल्कि शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कई और कदम भी उठा रही है। इन नए सुधारों में कक्षा के अंदर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर नए नियम बनाए गए हैं, प्रोजेक्ट आधारित पढ़ाई को बढ़ावा दिया जा रहा है और सभी सरकारी स्कूलों का व्यापक मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों और बच्चों के परिवारों के बीच मेलजोल बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि माता-पिता को अपने बच्चों की प्रगति के बारे में लगातार जानकारी मिलती रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फैसले का मुख्य मकसद बच्चों को किताबी कीड़ा बनाने के बजाय उनके अंदर अच्छे संस्कार और नैतिक मूल्यों का विकास करना है। अधिक जानकारी के लिए आप UAE Ministry of Education की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
प्राइवेट स्कूलों पर क्या होगा असर
फिलहाल शिक्षा मंत्रालय की तरफ से यह साफ किया गया है कि यह नया नियम सिर्फ यूएई के सरकारी यानी पब्लिक स्कूलों के छात्रों पर ही लागू होता है। निजी यानी प्राइवेट स्कूलों के संबंध में अभी तक मंत्रालय ने कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिया है कि वे इस नियम को अपनाएंगे या नहीं। इस बड़े बदलाव के बारे में सबसे पहले प्रसिद्ध मीडिया आउटलेट Emarat Al Youm ने विस्तार से खबरें प्रकाशित की थीं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए यह एक राहत भरी खबर है जिनके छोटे बच्चे सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।