यूएई के सेंट्रल बैंक ने देश के सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए एक सख्त निर्देश जारी किया है. अब बैंक ग्राहकों से जानकारी लेने या बैंकिंग सेवाएं देने के लिए व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. यह फैसला लोगों के पैसों की सुरक्षा और डेटा को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है, ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोका जा सके.
व्हाट्सएप पर किन बैंकिंग कामों के लिए लगा बैन?
सेंट्रल बैंक ने साफ किया है कि बैंक अब मैसेजिंग ऐप्स के जरिए ग्राहकों से कोई भी निजी जानकारी नहीं मांग सकेंगे. ट्रांजैक्शन कन्फर्म करना, पैसे ट्रांसफर करना या लोन से जुड़ी प्रक्रियाएं अब इन ऐप्स पर नहीं होंगी. प्रवासियों और आम ग्राहकों को अब केवल बैंक के मोबाइल ऐप, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, कॉल सेंटर या बैंक की शाखाओं का ही इस्तेमाल करना होगा.
| प्रतिबंधित गतिविधियाँ | विवरण |
|---|---|
| ग्राहक डेटा | निजी जानकारी मांगना या साझा करना |
| लेनदेन | पैसा भेजना, बिल भुगतान और लाभार्थी सेटअप |
| खाता प्रबंधन | खाता खोलना, बंद करना या डेटा विवाद |
| लोन निर्देश | ऋण से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया को शुरू करना |
| सुरक्षा विवरण | पासवर्ड, पिन और ओटीपी (OTP) भेजना |
| दस्तावेज | वित्तीय डेटा वाले डॉक्यूमेंट्स का आदान-प्रदान |
नियम कब से लागू होगा और क्या है समय-सीमा?
यह निर्देश 22 अप्रैल 2026 को जारी किया गया था. सभी बैंकों और लाइसेंस प्राप्त वित्तीय संस्थानों को 30 अप्रैल 2026 तक इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग पूरी तरह बंद करना होगा. बैंकों को रेगुलेटर को यह जानकारी देनी होगी कि उन्होंने इस नियम का पालन करने के लिए क्या कदम उठाए हैं. इससे पहले मार्च 2026 में ओटीपी पर भी कुछ प्रतिबंध लगाए गए थे.
सेंट्रल बैंक ने यह कदम क्यों उठाया?
सेंट्रल बैंक के अनुसार, व्हाट्सएप जैसे ऐप्स का उपयोग करना उच्च जोखिम वाला काम है. इससे फर्जी पहचान, अकाउंट हैकिंग और सोशल इंजीनियरिंग जैसे हमलों का खतरा बढ़ जाता है. एक बड़ी वजह डेटा सुरक्षा भी है, क्योंकि यूएई के नियमों के अनुसार ग्राहकों का डेटा देश के भीतर ही रहना चाहिए, जबकि मैसेजिंग ऐप्स का डेटा विदेश के सर्वर पर जा सकता है. गवर्नर खालिद मोहम्मद बलमा ने कहा कि यह कदम उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लिया गया है.