यूएई में डिजिटल लेन-देन को और सुरक्षित बनाने के लिए सेंट्रल बैंक ने एक बड़ा फैसला लिया है। सेंट्रल बैंक ऑफ द यूएई (CBUAE) ने DDSC स्टेबलकॉइन को अपना नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) दे दिया है। अब यह डिजिटल करेंसी VARA के रेगुलेशन वाले प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
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इस प्रोजेक्ट को International Holding Company (IHC), First Abu Dhabi Bank (FAB) और Sirius International Holding ने मिलकर तैयार किया है। IHC के सीईओ सैयद बसर शुएब ने 3 जुलाई 2026 को इस बात की पुष्टि की कि अब यह स्टेबलकॉइन लॉन्च के लिए पूरी तरह तैयार है।
DDSC एक ऐसा डिजिटल सिक्का है जिसकी कीमत यूएई दिरहम के बराबर रहती है। इसे सुरक्षित रखने के लिए 1:1 के अनुपात में दिरहम रिजर्व रखा गया है, जो अलग बैंक खातों में जमा रहता है। यह सिक्का ADI Chain नाम के एक खास ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म पर काम करता है, जिसे सरकारी और बड़े संस्थानों के लेनदेन के लिए बनाया गया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सिक्के का नाम | DDSC Stablecoin |
| बैकअप (Backing) | 1:1 यूएई दिरहम (AED) |
| मुख्य रेगुलेटर | सेंट्रल बैंक ऑफ यूएई (CBUAE) |
| प्लेटफॉर्म | ADI Chain (Layer-2 Blockchain) |
| लॉन्च तारीख | 11 फरवरी 2026 |
| उपयोग | सरकारी और संस्थागत भुगतान |
| पार्टनर्स | IHC, FAB और Sirius International Holding |
| हालिया ट्रांजैक्शन | 11 करोड़ दिरहम (मई 2026) |
यूएई के नियमों के मुताबिक, किसी भी डिजिटल करेंसी को पेमेंट के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए उसके पास 100% रिजर्व होना जरूरी है। CBUAE ने इसके लिए जून 2024 में नियम जारी किए थे। साथ ही, यूएई के सभी रेगुलेटर जैसे CBUAE, VARA और FSRA ने एल्गोरिदमिक स्टेबलकॉइन्स के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा रखी है।
इस सिस्टम की क्षमता को परखने के लिए मई 2026 में IHC ने ADI Chain के जरिए 11 करोड़ दिरहम (लगभग 3 करोड़ डॉलर) का ट्रांजैक्शन किया था, जिससे यह साफ हो गया कि यह सिस्टम बड़े स्तर के वित्तीय लेनदेन के लिए तैयार है।
