यूएई के सेंट्रल बैंक (CBUAE) ने पूरे देश के लिए एक डिजिटल केवाईसी (e-KYC) प्लेटफॉर्म तैयार करने का ऐलान किया है। इस काम के लिए बैंक ने ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी Norbloc AB के साथ एक तकनीकी समझौता किया है। इस पहल का मकसद बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को और अधिक डिजिटल बनाना है ताकि आम लोगों और कंपनियों को कागजी कार्रवाई में कम परेशानी हो।

यह नया e-KYC प्लेटफॉर्म क्या है और इससे क्या फायदा होगा?

यह प्लेटफॉर्म ‘Financial Infrastructure Transformation (FIT)’ प्रोग्राम का एक अहम हिस्सा है। फिलहाल ग्राहकों को अलग-अलग वित्तीय संस्थानों में बार-बार अपनी पहचान साबित करने के लिए एक ही तरह के दस्तावेज देने पड़ते हैं। नया सिस्टम इस परेशानी को खत्म करेगा।

  • काम में तेजी: ऑटोमेटेड वर्कफ्लो की वजह से केवाईसी और केवाईसीबी (KYB) की प्रक्रिया बहुत तेज हो जाएगी।
  • खर्च में कमी: कंपनियों के लिए नियमों के पालन (compliance) में होने वाला खर्च कम होगा।
  • डेटा सुरक्षा: यह प्लेटफॉर्म ‘प्राइवेसी-बाय-डिजाइन’ तकनीक पर आधारित है, जिसका मतलब है कि ग्राहक की मंजूरी के बिना कोई डेटा शेयर नहीं होगा।

नियम और लागू होने की समयसीमा क्या है?

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए 2024 में फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 30 लाया गया था। इसके तहत सेंट्रल बैंक को डेटा प्रदाताओं और सुरक्षा मानकों के लिए नियम बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। यह पूरा सिस्टम मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और आतंकवाद की फंडिंग रोकने वाले अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक काम करेगा।

तारीख/समय महत्वपूर्ण अपडेट
16 फरवरी 2023 FIT प्रोग्राम की शुरुआत हुई थी
15 अप्रैल 2026 Norbloc AB के साथ साझेदारी का ऐलान हुआ
2026 तक पूरे सिस्टम को लागू करने का लक्ष्य रखा गया है

इस समझौते में कौन शामिल है?

इस तकनीकी समझौते पर सेंट्रल बैंक के सहायक गवर्नर सैफ हुमैद अल दहेरी और Norbloc AB के सीईओ एस्ट्यानैक्स कानाकाकिस ने हस्ताक्षर किए। इस पूरे कार्यक्रम को सेंट्रल बैंक के गवर्नर खालिद मोहम्मद बलामा और सहायक गवर्नर अहमद सईद अल कामज़ी की देखरेख में पूरा किया गया। गवर्नर खालिद मोहम्मद बलामा ने कहा कि यह कदम अर्थव्यवस्था को डिजिटल बनाने और वित्तीय क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।