UAE सेंट्रल बैंक (CBUAE) ने ग्राहकों की अनदेखी करने वाले एक विदेशी बैंक पर सख्त कार्रवाई की है। बैंक ने सर्विस स्टैंडर्ड्स का पालन नहीं किया, जिसके कारण उस पर 1.82 मिलियन दिरहम का जुर्माना लगाया गया है। सरकार का मकसद बैंकिंग सेक्टर में पारदर्शिता लाना और ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा करना है।
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यह जुर्माना 6 जुलाई 2026 को लगाया गया। बैंक ने निर्धारित सात दिनों के भीतर लायबिलिटी लेटर जारी नहीं किया था, जो मार्केट कंडक्ट और कंज्यूमर प्रोटेक्शन नियमों का उल्लंघन है। सेंट्रल बैंक ने साफ किया है कि सभी वित्तीय संस्थान नियमों का पालन करें ताकि प्रवासियों और स्थानीय लोगों को कोई दिक्कत न हो।
सिर्फ यही एक मामला नहीं है, बल्कि पिछले कुछ दिनों में अन्य बैंकों पर भी कार्रवाई हुई है। एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और आतंकवाद के वित्तपोषण (CFT) से जुड़े नियमों की अनदेखी करने वाले एक अन्य बैंक पर 20 मिलियन दिरहम का जुर्माना लगा है। साथ ही, उस बैंक के हेड ऑफ कंप्लायंस पर भी अलग से जुर्माना लगाया गया है।
ये सभी कार्रवाइयां फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 6 ऑफ 2025 के तहत की गई हैं। सेंट्रल बैंक का एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट 2018 से सक्रिय है और उसका काम यह सुनिश्चित करना है कि बैंक अपने ग्राहकों के साथ ईमानदारी और पारदर्शिता बरतें।
| तारीख | जुर्माना | कारण |
|---|---|---|
| 6 जुलाई 2026 | 1.82 मिलियन दिरहम | लायबिलिटी लेटर देने में देरी |
| 24 जून 2026 | 20 मिलियन दिरहम | AML और CFT नियमों का उल्लंघन |
| 24 जून 2026 | 3 लाख दिरहम | हेड ऑफ कंप्लायंस की लापरवाही |
