यूएई के सेंट्रल बैंक (CBUAE) ने ब्याज दरों को लेकर एक अहम जानकारी दी है। बैंक ने अपनी बेस रेट को 3.65% पर ही बरकरार रखा है। यह फैसला अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बदलाव न करने के बाद लिया गया है। इससे यूएई की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के पैसों पर सीधा असर पड़ेगा।
ब्याज दरें क्यों नहीं बदली गईं और इसका क्या असर होगा?
यूएई के सेंट्रल बैंक की ब्याज दरें अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) के साथ जुड़ी होती हैं। क्योंकि अमेरिका ने अपनी दरों में कोई बदलाव नहीं किया, इसलिए CBUAE ने भी इसे 3.65% पर ही रखा है। यह फैसला 28 अप्रैल 2026 को लिया गया।
- बेस रेट: इसे 3.65% पर स्थिर रखा गया है।
- शॉर्ट टर्म लिक्विडिटी रेट: यह दर बेस रेट से 50 बेसिस पॉइंट ऊपर रहेगी।
- नियम: यूएई की करेंसी डॉलर से जुड़ी है, इसलिए यहाँ के फैसले अमेरिका के हिसाब से होते हैं।
यूएई की अर्थव्यवस्था और महंगाई का क्या हाल है?
सेंट्रल बैंक के मुताबिक यूएई की इकोनॉमी काफी मजबूत है। दुनिया भर में चल रही उथल-पुथल, क्षेत्रीय विवादों और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश की तरक्की जारी है। आने वाले समय के लिए कुछ अनुमान लगाए गए हैं जिन्हें नीचे टेबल में देखा जा सकता है।
| विवरण | अनुमानित आंकड़े |
|---|---|
| GDP ग्रोथ (2025) | 5.6 प्रतिशत |
| GDP ग्रोथ (2026) | 5.6 प्रतिशत |
| महंगाई दर (2026) | 1.8 प्रतिशत |
| महंगाई दर (2027) | 2 प्रतिशत |
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूएई में ब्याज दरें अमेरिका से क्यों जुड़ी होती हैं?
यूएई की करेंसी डॉलर के साथ पेग्ड है, जिसका मतलब है कि इसकी कीमत डॉलर के बराबर रहती है। इस वजह से यूएई के सेंट्रल बैंक को अपनी मौद्रिक नीति अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों के अनुसार रखनी पड़ती है।
क्या ब्याज दर स्थिर रहने से आम लोगों या प्रवासियों पर असर पड़ेगा?
बेस रेट स्थिर रहने से लोन की किस्तों (EMI) और बचत खातों पर मिलने वाले ब्याज में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, जो उन प्रवासियों के लिए राहत की बात है जिन्होंने लोन लिया हुआ है।
