UAE Central Bank और Mastercard ने मिलकर चलाया ट्रेनिंग प्रोग्राम, डिजिटल पेमेंट फ्रॉड से निपटने की तैयारी.

यूएई के सेंट्रल बैंक यानी CBUAE और Mastercard ने मिलकर राजधानी आबू धाबी में चार दिनों का एक खास ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा किया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पेमेंट की दुनिया में लगातार बढ़ रहे खतरों से निपटने के लिए देश की वित्तीय प्रणाली को और अधिक मजबूत करना था। यह ट्रेनिंग सेशन सेंट्रल बैंक के मुख्यालय में Mastercard Academy द्वारा चलाया गया था, जिसमें सेंट्रल बैंक के विभिन्न विभागों से कुल 25 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस पहल का मकसद अधिकारियों को आधुनिक तकनीक और सुरक्षा के तरीकों से लैस करना है ताकि किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी को समय रहते रोका जा सके।
ट्रेनिंग में किन बातों पर हुआ फोकस
इस चार दिवसीय कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को डिजिटल भुगतान प्रणाली और उसके तकनीकी पहलुओं की गहरी जानकारी दी गई। पाठ्यक्रम में मुख्य रूप से पेमेंट इकोसिस्टम, डिजिटल ट्रांजैक्शन, नए कॉमर्स मॉडल और फ्रॉड रिस्क डिटेक्शन पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अलावा, पैसों के लेन-देन के दौरान होने वाली धोखाधड़ी को पहचानने और उसे रोकने के व्यावहारिक तौर-तरीके भी सिखाए गए। यह ट्रेनिंग इस बात को ध्यान में रखकर तैयार की गई थी कि कैसे पेमेंट भेजने और स्वीकार करने दोनों ही जगहों पर सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके। यह पूरी पहल दोनों संस्थाओं के बीच लंबे समय से चल रहे सहयोग का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यूएई के वित्तीय ढांचे को सुरक्षित और मजबूत बनाना है।
अधिकारियों ने क्या कहा
सेंट्रल बैंक में वित्तीय अपराध, बाजार आचरण और उपभोक्ता संरक्षण मामलों की सहायक गवर्नर Fatma Abdulla Al Jabri ने बताया कि देश की वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित रखना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे ट्रेनिंग प्रोग्राम कर्मचारियों की कार्यकुशलता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाते हैं ताकि वे बदलते दौर के फ्रॉड खतरों का मुकाबला कर सकें। वहीं दूसरी ओर, यूएई और ओमान में Mastercard की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और कंट्री मैनेजर Gina Petersen-Skyrme ने बताया कि उनकी कंपनी पिछले 40 सालों से यूएई के साथ जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल बदलाव की इस यात्रा में Mastercard हमेशा से एक भरोसेमंद साथी रहा है और यह ट्रेनिंग आम लोगों तथा व्यापारियों द्वारा रोजाना इस्तेमाल होने वाले डिजिटल सिस्टम को और अधिक सुरक्षित बनाएगी।