Abu Dhabi में ‘Make it in the Emirates 2026’ प्रोग्राम चल रहा है। UAE सरकार अब दुनिया के साथ मिलकर व्यापार को और आसान बनाना चाहती है। इसमें भारत, तुर्किये और जॉर्डन जैसे देशों के साथ हुए समझौते सबसे अहम हैं ताकि आम लोगों और कंपनियों को ज्यादा फायदा मिले।
CEPA समझौते से व्यापार में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
UAE ने कई देशों के साथ Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) किया है। इस वजह से व्यापार में बड़ी बढ़त देखी गई है। भारत के साथ हुए समझौते से सामानों का व्यापार 100 अरब डॉलर के पार चला गया है। यह समझौता 1 मई 2022 से लागू हुआ था।
सरकार का कहना है कि वे सिर्फ टैक्स कम नहीं कर रहे, बल्कि डिजिटल ट्रेड और निवेश को भी सुरक्षित बना रहे हैं। भारत और UAE के बीच नियमों को सख्त रखा गया है ताकि असली सामान ही ट्रेड हो, इसके लिए 40 प्रतिशत वैल्यू एडिशन का नियम बनाया गया है।
लोकल सामान और नई फंडिंग के लिए क्या प्लान है?
UAE सरकार ने अब लोकल सामानों को बढ़ावा देने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। एक नया नियम आया है जिसके तहत सरकारी कंपनियों और उन फर्मों को National In-Country Value (ICV) प्रोग्राम मानना होगा जिनमें 25 प्रतिशत सरकारी हिस्सेदारी है। इसके अलावा, रिटेल और ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर स्थानीय सामानों की मौजूदगी बढ़ाने की पॉलिसी मंजूर हुई है।
सरकार ने उद्योग को मजबूत करने के लिए कई बड़े वित्तीय ऐलान किए हैं, जिनका ब्यौरा नीचे टेबल में दिया गया है:
| विवरण | जानकारी/आंकड़ा |
|---|---|
| कुल CEPA व्यापार सफलता | 140 अरब डॉलर |
| भारत-UAE मर्चेंडाइज ट्रेड | 100 अरब डॉलर से ज्यादा |
| नेशनल इंडस्ट्रियल रेजिलिएंस फंड | 1 अरब AED |
| लोकल किए जाने वाले उत्पाद | 5,000 उत्पाद |
| वैल्यू कंटेंट एडिशन नियम (भारत) | कम से कम 40 प्रतिशत |
| भारत-UAE CEPA लागू तारीख | 1 मई 2022 |
| जॉर्डन CEPA लागू तारीख | मई 2025 |
इस इवेंट की शुरुआत शेख मंसूर बिन जायद अल नाह्यान ने की। उन्होंने बताया कि पब्लिक और प्राइवेट पार्टनरशिप को मजबूत करना अब सरकार की प्राथमिकता होगी। साथ ही, अब जापान, यूरोपीय संघ और यूनाइटेड किंगडम के साथ भी ऐसे समझौतों पर विचार किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE और भारत के बीच व्यापार के लिए क्या नियम हैं?
भारत और UAE के बीच व्यापार के लिए 40 प्रतिशत वैल्यू एडिशन का नियम है। इसका मतलब है कि सामान में कम से कम 40 प्रतिशत की वैल्यू जोड़ी जानी चाहिए तभी उसे CEPA का लाभ मिलेगा।
National Industrial Resilience Fund क्या है?
यह UAE सरकार द्वारा बनाया गया 1 अरब AED का फंड है। इसका मकसद जरूरी उद्योगों को स्थानीय स्तर पर शुरू करना और सप्लाई चेन को मजबूत बनाना है।