यूएई में रहने वाले परिवारों और भारतीय प्रवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर आई है। संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने और उनकी सेहत का ध्यान रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। अब बच्चों द्वारा डिलीवरी ऐप्स और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने पर माता-पिता की कानूनी जिम्मेदारी तय कर दी गई है। इसके साथ ही स्कूलों में भी डिलीवरी ऐप्स से खाना मंगाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

यूएई का नया डिजिटल सुरक्षा कानून और माता-पिता की ज़िम्मेदारी

यूएई सरकार ने बाल डिजिटल सुरक्षा कानून (Federal Decree-Law No. 26 of 2025) लागू कर दिया है। इस नए कानून के तहत अब माता-पिता के लिए अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखना कानूनी रूप से जरूरी हो गया है। माता-पिता को अपने बच्चों के फोन में पैरेंटल कंट्रोल टूल्स का इस्तेमाल करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे केवल अपनी उम्र के हिसाब से ही ऐप्स का इस्तेमाल करें। इसके अलावा, डिलीवरी ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे 13 साल से कम उम्र के बच्चों का पर्सनल डेटा उनकी माता-पिता की अनुमति के बिना इकट्ठा या इस्तेमाल नहीं कर सकते।

स्कूलों में डिलीवरी ऐप्स से खाना मंगाने पर लगी पूरी रोक

बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यूएई के स्कूलों में पढ़ाई के समय बाहर से खाना मंगाने पर पाबंदी लगा दी गई है। अबू धाबी शिक्षा विभाग (ADEK) और दुबई के शिक्षा विभाग (KHDA) के निर्देशों के बाद स्कूलों ने यह फैसला लिया है। अब छात्र स्कूल के समय Talabat, Noon या Deliveroo जैसी ऐप्स से खाना नहीं मंगा सकेंगे। अगर कोई बच्चा अपना लंच बॉक्स घर भूल जाता है, तो माता-पिता को खुद स्कूल के रिसेप्शन पर खाना पहुंचाना होगा। इस नियम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्कूल कैंटीन के पौष्टिक भोजन के लिए प्रेरित करना और सुरक्षा बनाए रखना है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या यूएई में बच्चे स्कूल के समय ऑनलाइन खाना ऑर्डर कर सकते हैं?

नहीं, यूएई के स्कूलों में पढ़ाई के घंटों के दौरान डिलीवरी ऐप्स जैसे Talabat या Deliveroo से खाना मंगाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

चाइल्ड डिजिटल सेफ्टी कानून के तहत माता-पिता की क्या जिम्मेदारी है?

माता-पिता को कानूनी रूप से अपने बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रखनी होगी, पैरेंटल कंट्रोल टूल्स का इस्तेमाल करना होगा और बच्चों को उनकी उम्र के अनुकूल ऐप्स ही इस्तेमाल करने देने की अनुमति होगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.