UAE में इन दिनों पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, लेकिन इस भीषण गर्मी के बीच क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश का काम जारी है। National Centre of Meteorology (NCM) ने पुष्टि की है कि जैसे ही आसमान में बादल बनते हैं, विमानों के जरिए बारिश कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। इससे देश में प्राकृतिक बारिश की मात्रा बढ़ाने में काफी मदद मिल रही है।
साल 2026 में 80 से ज्यादा मिशन हुए पूरे
मौसम विभाग के अनुसार, यह तकनीक बारिश पैदा नहीं करती, बल्कि मौजूदा बादलों से बारिश की मात्रा को बढ़ाने का काम करती है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक करीब 80 क्लाउड सीडिंग मिशन चलाए जा चुके हैं। विभाग के एक्सपर्ट Dr. Ahmed Habib का कहना है कि यह प्रक्रिया किसी तय मौसम पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह बादलों के बनने पर आधारित है और आगे भी जारी रहेगी।
टेक्नोलॉजी और पानी की सुरक्षा पर जोर
UAE अपनी पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है। इसमें Artificial Intelligence (AI) के जरिए बादलों की स्थिति को सही समय पर पढ़ना और इलेक्ट्रिक चार्जिंग जैसी नई चीजें शामिल हैं। UAEREP की डायरेक्टर Alya Al Mazrouei ने बताया कि नई नैनो-सामग्री का उपयोग पारंपरिक तरीकों से तीन गुना ज्यादा असरदार साबित हो रहा है। इस पूरी कवायद का मुख्य मकसद देश में पानी की कमी को दूर करना, पेड़-पौधे बढ़ाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
