UAE सरकार ने आतंकवाद को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों का गलत इस्तेमाल करने वाले आतंकी समूहों के खिलाफ दुनिया भर के देशों के साथ मिलकर काम करेगी. इसका मकसद इंटरनेट की दुनिया को सुरक्षित बनाना और वैश्विक शांति को बनाए रखना है.
UN कॉन्फ्रेंस में UAE की चेतावनी
1 जुलाई 2026 को संयुक्त राष्ट्र (UN) के आतंकवाद विरोधी सप्ताह के दौरान एक हाई-लेवल कॉन्फ्रेंस हुई. इसमें UAE सरकार की साइबर सुरक्षा के प्रमुख Dr. Mohamed Al Kuwaiti ने एक अहम भाषण दिया. उन्होंने कहा कि आतंकी और चरमपंथी समूह AI का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर दुष्प्रचार फैलाने, नए लोगों को भर्ती करने और गलत वीडियो या ऑडियो (सिंथेटिक मीडिया) बनाने के लिए कर रहे हैं.
Dr. Al Kuwaiti ने बताया कि केवल तकनीक होने से काम नहीं चलेगा. साइबर स्पेस को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत सरकारी संस्थानों, काबिल कर्मचारियों, सुरक्षित डेटा और सही नियमों की जरूरत है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी दूसरे देश से सिर्फ तकनीक लेना काफी नहीं है, बल्कि खुद के पास ज्ञान और विशेषज्ञता होना ज्यादा जरूरी है.
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नई पहल
इस कार्यक्रम के दौरान Dr. Al Kuwaiti ने सीरिया के अपने समकक्ष से भी मुलाकात की. दोनों नेताओं ने AI, स्मार्ट सिटी और जरूरी बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर बात की. इसके अलावा UAE ने कई अन्य कदम भी उठाए हैं:
- AI4ID प्रोजेक्ट: फरवरी 2026 में TRENDS रिसर्च एंड एडवाइजरी ने ‘AI-Enhanced Interfaith Dialogue’ प्रोजेक्ट शुरू किया. इसका मकसद AI के जरिए विभिन्न धर्मों के बीच बातचीत बढ़ाना और नफरत फैलाने वाली बातों को रोकना है.
- स्पेशल एनवॉय की नियुक्ति: जनवरी 2026 में Maqsoud Kruse को चरमपंथ और आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए विदेश मंत्री का विशेष दूत नियुक्त किया गया.
- भारत के साथ साझेदारी: दिसंबर 2025 में UAE और भारत ने मिलकर न्यूयॉर्क में एक इवेंट किया, जिसमें आतंकवाद विरोधी ऑपरेशंस में AI के इस्तेमाल पर चर्चा हुई.
लंबे समय से जारी प्रयास
UAE अपनी ‘नेशनल स्ट्रैटेजी फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 2031’ के जरिए खुद को AI के क्षेत्र में दुनिया का लीडर बनाना चाहता है. इसके लिए वह गवर्नेंस और नियमों को सख्त कर रहा है. साथ ही, UAE ने 2012 में Hedayah सेंटर और 2015 में अमेरिका के साथ मिलकर Sawab सेंटर बनाया था, जो इंटरनेट पर आतंकी प्रचार को रोकने का काम करते हैं.
