यूएई में काम करने वाले प्रवासी कर्मचारियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आ रही है। यहां की कंपनियां अब केवल सैलरी ही नहीं दे रही हैं, बल्कि कर्मचारियों को रोकने और आकर्षित करने के लिए कई नए फायदे दे रही हैं। इनमें वसीयत बनाने, फ्लेक्सिबल काम करने और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल जैसी सुविधाएं शामिल हैं। यूएई सरकार और मानव संसाधन मंत्रालय (MOHRE) के नए नियमों और सुधारों के बाद यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

फ्लेक्सिबल वर्क और वेलनेस भत्ता के तहत क्या मिल रहा है?

यूएई की कई कंपनियां अब कर्मचारियों को पारंपरिक सुविधाओं से आगे बढ़कर लाभ दे रही हैं। मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय (MOHRE) ने निजी क्षेत्र में काम करने के घंटों में लचीलापन लाने को बढ़ावा दिया है। इसके अलावा अजमान, दुबई और शारजाह जैसे अमीरात में सरकारी कर्मचारियों के लिए नया मानव संसाधन कानून लागू कर लचीले काम की शुरुआत की गई है। कंपनियों की तरफ से कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता, परामर्श सेवाएं और जिम या वेलनेस की सदस्यता भी दी जा रही है।

वसीयत योजना और विरासत के कड़े कानून क्या हैं?

यूएई में प्रवासियों के लिए अपनी संपत्ति सुरक्षित रखने को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। यूएई सिविल कानून 2026 के नए नियमों (फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 51 ऑफ 2024 और फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 25 ऑफ 2025) के तहत विरासत के नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं। अब 1 फरवरी 2023 से गैर-मुसलमानों के लिए नया व्यक्तिगत स्थिति कानून लागू है, जिससे बिना वसीयत वाले मामलों में शरिया कानून सीधे लागू नहीं होगा। अगर किसी प्रवासी की बिना वसीयत के मृत्यु हो जाती है, तो उसके बैंक खाते तुरंत फ्रीज कर दिए जाते हैं और संपत्ति बांटने में 6 से 12 महीने लग सकते हैं। इसलिए कंपनियां अब कर्मचारियों को वसीयत रजिस्टर करवाने की सुविधा भी दे रही हैं।

वेतन सुरक्षा प्रणाली (WPS) और नई बचत योजना क्या है?

यूएई सरकार ने कर्मचारियों के हित में कई कड़े कदम उठाए हैं। 1 जून 2026 से नया वेतन सुरक्षा प्रणाली (WPS) नियम लागू हो रहा है, जिसके तहत कंपनियों को हर महीने की पहली तारीख तक वेतन देना अनिवार्य होगा। इसमें देरी करने पर भारी जुर्माना लगेगा। इसके साथ ही, कैबिनेट संकल्प संख्या 96 ऑफ 2023 के तहत एक वैकल्पिक सेवा-समाप्ति बचत योजना भी शुरू की गई है, जिससे कर्मचारी अपनी ग्रेच्युटी राशि को सुरक्षित सरकारी निवेश फंड में लगा सकते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई में बिना वसीयत के मृत्यु होने पर बैंक खाते का क्या होता है?

यूएई में बिना वसीयत (Will) के मृत्यु होने पर मृतक के सभी बैंक खाते तुरंत फ्रीज कर दिए जाते हैं और संपत्ति के बंटवारे की अदालती प्रक्रिया में 6 से 12 महीने या उससे अधिक का समय लग सकता है।

नया वेतन सुरक्षा प्रणाली (WPS) नियम कब से लागू हो रहा है और इसका क्या नियम है?

यह नियम 1 जून 2026 से लागू हो रहा है, जिसके अनुसार नियोक्ताओं को हर महीने की पहली तारीख तक कर्मचारियों को वेतन देना होगा, जिसमें 85 प्रतिशत का अनुपालन जरूरी है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.