UAE में एक कंपनी को अपने पूर्व कर्मचारी को 875,700 दिरहम का बकाया वेतन देने का आदेश मिला है। कोर्ट ने यह फैसला इसलिए सुनाया क्योंकि कंपनी ने कर्मचारी को नौकरी से निकालने के लिए सही कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया था। यह मामला उन प्रवासियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो अपनी कंपनी के साथ विवाद का सामना कर रहे हैं।
अदालत ने आदेश दिया कि कंपनी बकाया मुआवजे की पूरी राशि यानी 875,700 दिरहम का भुगतान करे। जांच में यह बात सामने आई कि कंपनी ने कर्मचारी की बर्खास्तगी के समय औपचारिक नियमों की अनदेखी की थी।
UAE श्रम कानून और कर्मचारियों के अधिकार
UAE में निजी क्षेत्र के श्रम संबंध Federal Decree-Law No. 33 of 2021 के तहत चलते हैं। यहाँ कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं:
- MOHRE की भूमिका: Ministry of Human Resources and Emiratisation (MOHRE) विवादों को सुलझाने का काम करता है। 50,000 दिरहम तक के दावों पर MOHRE खुद फैसला ले सकता है, जबकि उससे ज्यादा की राशि के मामले लेबर कोर्ट में जाते हैं।
- गलत बर्खास्तगी (Article 47): अगर किसी कर्मचारी को केवल इसलिए निकाला जाता है क्योंकि उसने MOHRE में शिकायत की है, तो इसे गैरकानूनी माना जाता है। ऐसे में कोर्ट कर्मचारी को तीन महीने की सैलरी तक का मुआवजा, ग्रेच्युटी और नोटिस पीरियड का पैसा दिलवा सकता है।
- दावा करने की समय सीमा: किसी भी श्रम दावे के लिए दो साल की समय सीमा तय है। नौकरी खत्म होने के दो साल बाद कोई भी दावा मान्य नहीं होता।
सैलरी भुगतान के नियम
UAE सरकार ने वेतन भुगतान के लिए Wage Protection System (WPS) को अनिवार्य किया है। नियमों के मुताबिक, कंपनियों को वेतन समय पर देना होता है। अगर कोई कंपनी वेतन देने में देरी करती है, तो उस पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और चेतावनी नोटिस जारी किए जाते हैं।
लगातार देरी होने पर कंपनी के नए वर्क परमिट बंद किए जा सकते हैं और भारी प्रशासनिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में कंपनी को पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के पास भी भेजा जा सकता है।
यह फैसला उन भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण है जो UAE में काम कर रहे हैं, क्योंकि यह साफ करता है कि कानून का उल्लंघन करने वाली कंपनियों को भारी कीमत चुकानी होगी।
