UAE में नौकरी करने वाले बहुत से लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि क्या कंपनी उनसे वीज़ा के पैसे मांग सकती है. अक्सर कंपनियां भर्ती के नाम पर कर्मचारियों से पैसे वसूलती हैं जो कि पूरी तरह गलत है. UAE सरकार ने इस बारे में बहुत सख्त नियम बनाए हैं ताकि प्रवासियों का शोषण न हो और उन्हें आर्थिक बोझ न उठाना पड़े.

वीज़ा खर्च कौन देगा

UAE के लेबर लॉ (Federal Decree-Law No. 33 of 2021) के मुताबिक किसी भी कंपनी के लिए अपने कर्मचारी से वीज़ा या भर्ती का पैसा मांगना गैरकानूनी है. कंपनी की यह जिम्मेदारी है कि वह भर्ती और रोजगार से जुड़े सभी खर्चों को खुद उठाए. इसमें वीज़ा प्रोसेसिंग, मेडिकल टेस्ट, Emirates ID, हेल्थ इंश्योरेंस और रेजिडेंस परमिट की स्टैम्पिंग का खर्च शामिल है.

अगर आपकी कंपनी ने एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट में यह लिखा है कि वीज़ा का खर्चा कर्मचारी देगा, तो भी वह नियम मान्य नहीं होगा. कानूनन ऐसी शर्तें अवैध हैं और कंपनी इन्हें लागू नहीं कर सकती.

इन सरकारी विभागों की है निगरानी

UAE में लेबर नियमों का पालन कराने के लिए कुछ मुख्य विभाग काम करते हैं:

  • Ministry of Human Resources and Emiratisation (MOHRE): यह विभाग वर्क परमिट जारी करता है और लेबर विवादों की सुनवाई करता है.
  • General Directorate of Residency and Foreigners Affairs (GDRFA): यह दुबई में रेजिडेंस परमिट और वीज़ा स्टैम्पिंग का काम देखता है.
  • Federal Authority for Identity, Citizenship, Customs & Port Security (ICP): यह Emirates ID और एंट्री परमिट जारी करता है.
  • DHA और DOH: दुबई और अबू धाबी में हेल्थ इंश्योरेंस की निगरानी ये विभाग करते हैं.

नए अपडेट और जरूरी बदलाव

सरकार ने समय-समय पर नियमों में बदलाव किए हैं. 10 मई 2025 से स्किल्ड प्रोफेशन के ऑफर लेटर के लिए 260 AED की अतिरिक्त फीस शुरू हुई है, लेकिन यह पैसा भी कंपनी को ही देना होगा. अब रेजिडेंस वीज़ा स्टैम्पिंग का काम डिजिटल हो गया है और यह जानकारी सीधे Emirates ID से जुड़ी होती है, अब पासपोर्ट पर फिजिकल स्टैम्प नहीं लगती.

साथ ही, 2022 के सुधारों के बाद अब एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जाने के लिए NOC की जरूरत आम तौर पर नहीं पड़ती, बशर्ते शर्तें पूरी हों. हालांकि, Green Visa एक अलग विकल्प है जिसमें व्यक्ति खुद अपना खर्च उठाता है क्योंकि यह सेल्फ-स्पॉन्सर्ड वीज़ा है.

खर्च और जुर्माने की जानकारी

वीज़ा और भर्ती से जुड़े खर्चों और जुर्माने का ब्यौरा नीचे दी गई टेबल में है:

विवरण अनुमानित राशि/जानकारी
2 साल के एम्प्लॉयमेंट वीज़ा का कुल खर्च 3,000 AED से 7,500 AED तक
स्किल्ड प्रोफेशन ऑफर लेटर फीस (नया) 260 AED (कंपनी द्वारा देय)
नियम तोड़ने वाली कंपनी पर जुर्माना 5,000 AED से 1,000,000 AED तक

अगर कोई कंपनी आपसे वीज़ा के पैसे मांगती है या आपकी सैलरी से पैसे काटती है, तो आप इसे मना कर सकते हैं. आप अपनी शिकायत MOHRE में दर्ज करा सकते हैं ताकि अवैध तरीके से काटे गए पैसे वापस मिल सकें.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.