सऊदी अरब और UAE में हुए ड्रोन हमलों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। रविवार को सऊदी अरब की सीमा में घुस रहे ड्रोन्स को समय रहते हवा में ही मार गिराया गया। वहीं UAE के अबू धाबी स्थित बराका न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहरी हिस्से में भी एक हमला हुआ जिससे वहां आग लग गई।
सऊदी अरब पर ड्रोन हमला और UAE का क्या कहना है?
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि रविवार 17 मई 2026 को इराक के हवाई क्षेत्र से तीन ड्रोन सऊदी की सीमा में घुसे थे जिन्हें इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। इस घटना के बाद UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। UAE ने इस हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि यह सऊदी अरब की संप्रभुता का उल्लंघन है। UAE ने सऊदी अरब के साथ अपनी एकजुटता जताई और उसकी सुरक्षा के लिए लिए गए सभी कदमों का समर्थन किया।
UAE के बराका न्यूक्लियर प्लांट पर हुए हमले का असर
सऊदी अरब के साथ-साथ UAE के बराका न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट पर भी ड्रोन हमला हुआ। इस हमले की वजह से प्लांट के आंतरिक घेरे के बाहर एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में आग लग गई। UAE रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ये ड्रोन पश्चिमी सीमा की दिशा से आए थे। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की जांच की जा रही है।
दुनिया और अन्य देशों ने इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
- संयुक्त राष्ट्र (UN): महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार को गहरी चिंता जताई और कहा कि परमाणु केंद्रों पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
- GCC देश: कुवैत, बहरीन, कतर, जॉर्डन और GCC महासचिव जासिम मोहम्मद अल-बुदैवी ने भी इन हमलों की निंदा की।
- इराक पर दबाव: इराक के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल होने के कारण वहां के प्रधानमंत्री अली अल जैदी पर मिलिशिया समूहों को नियंत्रित करने का दबाव बढ़ा है।
- अमेरिका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में ईरान को चेतावनी जारी की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब पर ड्रोन हमला कहां से किया गया था?
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 17 मई 2026 को हुए ये हमले इराक के हवाई क्षेत्र से लॉन्च किए गए थे और तीन ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किया गया था।
UAE के बराका न्यूक्लियर प्लांट में क्या नुकसान हुआ?
ड्रोन हमले के कारण बराका न्यूक्लियर पावर प्लांट के आंतरिक घेरे के बाहर स्थित एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में आग लग गई थी।
