जॉर्डन पर हाल ही में हुए ड्रोन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। UAE के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे जॉर्डन की संप्रभुता के खिलाफ एक गंभीर हरकत बताया है। यूएई ने स्पष्ट किया है कि वह जॉर्डन की सुरक्षा और स्थिरता के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ा है।
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क्या हुआ था जॉर्डन में
रिपोर्ट के अनुसार, 27 और 28 जुलाई 2026 को जॉर्डन की सेना ने अपने पूर्वी रेगिस्तान के ऊपर 3 ड्रोन को मार गिराया था। माना जा रहा है कि ये ड्रोन इराक में मौजूद ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा भेजे गए थे। इसके बाद 29 जुलाई को ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी बेस पर मिसाइल दागने की जिम्मेदारी ली। हालांकि, US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की कि सभी मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया गया और कोई भी नुकसान नहीं हुआ।
इन हमलों के कारण किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए इसे खतरे के तौर पर देखा जा रहा है। मिस्र ने भी जॉर्डन का समर्थन करते हुए इस घटना को सुरक्षा के लिए एक खतरनाक कदम बताया है। यूएई लगातार जॉर्डन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना समर्थन जता रहा है।
